भोपाल/ खबर डिजिटल/ भोपाल क्राइम ब्रांच ने एक संगठित अंतर्राज्यीय अवैध हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि टीकमगढ़ जिले में पिछले 35-40 वर्षों से अवैध हथियार निर्माण का कारोबार चल रहा था। इसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां इस अवैध हथियार बनाने में लिप्त थीं।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस आयुक्त भोपाल हरिनारायणाचारी मिश्र और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के निर्देश पर शहर में अवैध हथियारों की तलाश की जा रही थी। क्राइम ब्रांच को सूचना मिली कि कुछ अपराधी वाहन चोरी और हथियार तस्करी से जुड़े हैं और निशातपुरा क्षेत्र में रह रहे हैं। दबिश में तीन संदिग्ध पकड़े गए। पूछताछ में मुख्तार खान नामक व्यक्ति के पास से पिस्टल बरामद हुई। उसने बताया कि यह हथियार उसने टीकमगढ़ निवासी सुरेंद्र विश्वकर्मा से खरीदा था।
दो फैक्ट्रियां पकड़ी गईं
जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच टीम ने टीकमगढ़ के ग्राम चंदेरी थाना कुडीला और ग्राम रामगढ़ थाना जतारा में दबिश दी। यहां से दो अवैध फैक्ट्रियां उजागर हुईं। जांच में पता चला कि सुरेंद्र विश्वकर्मा का परिवार दशकों से इस धंधे में शामिल है। हथियार बनाने के लिए कृषि उपकरण बनाने वाली लेथ मशीन का उपयोग किया जा रहा था।
तीन पीढ़ियों से चल रहा था बिजनेस
आरोपी सुरेंद्र के पिता आनंदी विश्वकर्मा ने करीब 40 साल पहले यह काम शुरू किया था। दिखावे के लिए वह कृषि उपकरण बनाता था, लेकिन असली आय हथियारों से होती थी। बाद में उसने बेटों और पोते को भी इसी काम में लगा दिया। जेल जाने के बावजूद परिवार ने कारोबार बंद नहीं किया।
हथियारों की सप्लाई
स्थानीय स्तर पर जोखिम ज्यादा और लाभ कम होने के कारण हथियारों की बिक्री ज्यादातर उत्तर प्रदेश में की जाती थी। फैक्ट्री में सभी कलपुर्जे खुद बनते थे ताकि बाहरी खरीद से बचा जा सके। सप्लाई नेटवर्क बेहद गुप्त तरीके से चलाया जा रहा था।
जब्त सामग्री
पुलिस ने छापे में बड़ी मात्रा में मशीनें और हथियार बनाने का सामान जब्त किया, जिनमें लेथ मशीनें, वेल्डिंग मशीनें, पिस्टल, अधबनी पिस्टलें, कारतूस, ट्रिगर, स्प्रिंग, लोहे की पाइप और अन्य उपकरण शामिल हैं।
आरोपी और आपराधिक रिकॉर्ड
मुख्य आरोपी सुरेंद्र विश्वकर्मा और उसके पिता आनंदी विश्वकर्मा पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनके अलावा मुख्तार खान, सैफ अली, मुमताज अली और अन्य आरोपी पकड़े गए हैं, जबकि एक आरोपी नरेन्द्र प्रताप सिंह फरार है।
पुलिस टीम की सराहना
इस कार्रवाई में निरीक्षक अनिल यादव, भूपेंद्र दीवान, उपनिरीक्षक कलीमउद्दीन, सउनि सादिक खान और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


