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1141 शिकायतों के समाधान का दावा, पर ग्रामीणों में असंतोष—क्या आंकड़ों की चमक में छिप रही सच्चाई?
खबर डिजिटल कटनी (20 अप्रैल) – जिला पंचायत कटनी को भले ही सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के संतुष्टिपूर्ण निराकरण में “ए” ग्रेड के साथ प्रदेश के टॉप टेन में स्थान मिला हो, लेकिन जमीनी स्तर पर तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।जहां एक ओर 1141 शिकायतों के निराकरण और 84.77 प्रतिशत वेटेज का दावा किया जा रहा है, वहीं कई ग्रामीण क्षेत्रों से यह शिकायतें सामने आ रही हैं कि समस्याओं का समाधान केवल कागजों में दिखाया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि बिना वास्तविक कार्रवाई के ही शिकायतों को “क्लोज” कर दिया जाता है, जिससे आमजन को राहत नहीं मिल पा रही।सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर जांच करने के बजाय औपचारिकता निभाते हुए फाइलें निपटा दी जाती हैं। इससे सीएम हेल्पलाइन की मूल भावना—जनसमस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान—पर सवाल खड़े हो रहे हैं।हालांकि जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर द्वारा लगातार मॉनिटरिंग और अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि यदि निगरानी इतनी सख्त है, तो फिर शिकायतकर्ताओं में असंतोष क्यों बना हुआ है?विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेडिंग में सुधार के लिए केवल आंकड़ों पर फोकस करने के बजाय वास्तविक समाधान पर ध्यान देना जरूरी है। अन्यथा “ए” ग्रेड का तमगा सिर्फ एक उपलब्धि बनकर रह जाएगा, और आम जनता की समस्याएं जस की तस बनी रहेंगी।निष्कर्ष:अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या वाकई सीएम हेल्पलाइन आम जनता के लिए राहत का माध्यम बन पाएगी या सिर्फ आंकड़ों का खेल बनकर रह जाएगी।
खबर डिजिटल संवाददाता सौरभ श्रीवास्तव
कटनी मो. 9131308097
