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Friday, April 17, 2026
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CM मोहन यादव ने किसानों के लिए की बड़ी घोषणा: 3 साल में 30 लाख किसानों को मिलेगी ये सुविधा

भोपाल/ खबर डिजिटल/ CM Mohan Yadav today big announcement: मध्यप्रदेश की राजधानी से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को बड़ी घोषणा की, अब मध्यप्रदेश के किसानों को 3 साल में 30 लाख किसानों के खेतों में सोलर पम्प लगाए जाएंगे। साथ ही सीएम मोहन ने अब सरसों में भी भावांतर योजना लागू करने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां बीते सालों के प्रयासों से खेती का रकबा ढाई लाख हेक्टेयर तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी लिंक एवं केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना सहित ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित हो जाएगा।

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सीएम ने किसानों के लिए क्या घोषणा की…

  • सरसों में लागू होगी भावांतर योजना
  • 3 साल में 30 लाख किसानों के खेतों में लगेंगे सोलर पम्प
  • बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं का किया जाएगा सुदृढ़ीकरण,
  • सभी मंडियों का होगा आधुनिकीकरण
  • माइक्रो इरीकेशन का बढ़ाया जाएगा दायरा
  • फसल नुकसानी का आधुनिक तकनीक से होगा सर्वे
  • 3 बड़ी नदी परियोजनाओं से 25 जिलों की 16 लाख हैक्टेयर भूमि होगी सिंचित
  • किसानों के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज की योजना रहेगी जारी
  • किसान कल्याण वर्ष 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ
  • मुख्यमंत्री ने ई-विकास, वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली ऐप का किया शुभारंभ
  • डिंडोरी में बनेगा मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र
  • कृषि उद्योगों के प्रोत्साहन देने सब्सिडी, सोलर सम्मेलन किए जाएंगे आयोजित

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कृषक कल्याण वर्ष 2026 मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बाजार तक बेहतर पहुंच के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा। कृषि केवल आजीविका का एक साधन ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने पूरा साल किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। हमारी सरकार खेतों से निकलने वाली पराली से भी किसानों आय बढ़ाने का प्रयास करेगी।

किसानों के हित में हमने जा कहा, वह करके दिखाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिण्डोरी जिले में मध्यप्रदेश राज्य श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी। इससे श्रीअन्न का उत्पादन और पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। ग्वालियर में सरसों अनुसंधान और उज्जैन में चना अनुसंधान केंद्र स्थापित किए जा रहा हैं। इन केंद्रों के जरिए इन फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के 30 लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पावर पम्प देंगे। हर साल 10 लाख किसानों को सोलर पम्प देकर इन्हें अन्नदाता से आत्मनिर्भर ऊर्जादाता बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। अभी 65 लाख हेक्टेयर है, इसे बढ़ाकर वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर तक लेकर जाएंगे।

रिक्त पदों पर भर्ती कर कृषि तंत्र को करेंगे मजबूत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय अमले की तेज भर्ती के लिए भी हमारी सरकार प्रयासरत है। कृषि विभाग और राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड में सभी श्रेणी के रिक्त पदों की जल्द से जल्द पूर्ति कर प्रदेश में कृषि तंत्र को और भी मजबूत बनाया जाएगा। सरकार माइक्रो इरिगेशन सिस्टम का दायरा बढ़ाने की ओर भी अग्रसर है। किसानों को होने वाली फसल नुकसानी का अब आधुनिक तकनीक से सर्वे कराया जाएगा। इससे किसानों को मुआवजे की राशि जल्द से जल्द मिल सकेगी।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे, ताकि किसानों को उनकी उपज एवं परिश्रम का बेहतर मूल्य मिल सके और गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इसके साथ ही प्रदेशभर में कृषि उत्सव और किसान मेलों का आयोजन कर किसानों को आधुनिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे। प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ खेती-किसानी में नवाचारों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

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