इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ कोल्ड चेन इंडस्ट्री एसोसिएशन के स्वर्ण जयंती महोत्सव के दूसरे दिन मध्य प्रदेश में सोलर ऊर्जा और तकनीकी नवाचार पर खास जोर रहा। कार्यक्रम में देशभर से कोल्ड स्टोरेज संचालक, किसान और इंडस्ट्री एक्सपर्ट शामिल हुए।
अध्यक्ष हसमुख जैन गांधी और सचिव बाबूलाल चौधरी ने बताया कि भारत में लगभग 25% कोल्ड स्टोरेज पहले ही सोलर पावर पर चल रहे हैं, जबकि अगले 5 साल में पूरे सेक्टर को रिन्यूएबल एनर्जी से जोड़ने का लक्ष्य है।
बिजली लागत में भारी राहत, 20 साल मुफ्त ऊर्जा
कोल्ड स्टोरेज पावर-इंटेंसिव उद्योग है और बिजली लागत सबसे बड़ी चुनौती होती है। सोलर पैनल लगाने से बिजली बिल में भारी कमी आती है और यह 25 वर्षों तक ऊर्जा सेवा देता है। शुरुआती 5–6 वर्षों में निवेश वसूल हो जाता है, उसके बाद लगभग 20 वर्षों तक मुफ्त ऊर्जा उपलब्ध रहती है। इस दौरान मेंटेनेंस लागत भी न्यूनतम रहती है, जिससे कोल्ड स्टोरेज मालिक और किसान दोनों को लाभ मिलेगा।
पदार्थों की सुरक्षित भंडारण भूमिका
कार्यक्रम में फल-सब्जी, आलू-प्याज, मटर, चना, गुड़, आइसक्रीम आदि के सुरक्षित भंडारण की जरूरत और सोलर एनर्जी से पर्यावरण संरक्षण पर भी चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि और प्रेरक संदेश
इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी मुख्य अतिथि रहे। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाली कोल्ड स्टोरेज इकाइयों का सम्मान भी किया गया और पुणे से आए प्रेरक वक्ता चकोर गांधी ने सकारात्मक सोच का संदेश दिया।


