भोपाल/परवेज खान/खबर डिजिटल/ बिहार विधानसभा चुनाव के बाद चुनावी नियमों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल आज चुनाव आयोग पहुंचा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस में मांग की है कि यदि चुनाव आयोग को चुनाव अवधि में सरकारी धन वितरण पर आपत्ति नहीं है, तो फिर देश के सभी चुनावों में प्रत्याशियों और विपक्षी दलों को भी मतदाताओं को पैसे बांटने की अनुमति दी जाए।
कांग्रेस ने लगाया आरोप
कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चुनाव के समय सरकारी खजाने का उपयोग कर वोटरों को प्रभावित करती है, जिससे चुनाव निष्पक्ष नहीं रह जाते। पार्टी ने उदाहरण देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में तत्कालीन शिवराज सरकार ने लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1 हजार कर दी, जिसका सीधा असर चुनाव परिणामों पर पड़ा। बिहार चुनाव के दौरान जीविका दीदी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आचार संहिता लागू होने के बाद भी लगभग 130 करोड़ की राशि दिए जाने का आरोप लगाया गया। बताया गया कि महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये प्रति लाभार्थी राशि डाली गई।
चुनाव आयोग से की मांग
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की और कहा कि अगर सरकार बांट सकती है, तो विपक्ष क्यों नहीं? कांग्रेस के मुताबिक जब आचार संहिता के दौरान सरकार को पैसे बांटने से रोक नहीं लगाया जाता, तो चुनाव में भाग ले रहे सभी प्रत्याशियों और विपक्षी दलों को भी समान अधिकार मिलना चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि यदि चुनाव आयोग को सरकारी पैसे के वितरण पर आपत्ति नहीं है, तो विपक्षी दलों और प्रत्याशियों को भी पैसे बांटने एवं वोट खरीदने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि सभी के लिए समान नियम लागू हों।
चुनाव आयोग के समक्ष मुख्य मांगें
सभी चुनावों में आचार संहिता के दौरान “पैसा वितरण” पर समान नियम लागू किए जाएं।
यदि सरकार को लाभार्थी योजनाओं का पैसा बांटने की अनुमति है, तो प्रत्याशियों और विपक्ष को भी वैसी अनुमति दी जाए।
चुनाव को निष्पक्ष बनाने के लिए नियमों में स्पष्टता लाई जाए।
भाजपा ने किया पलटवार
वहीं कांग्रेस की मांग पर भाजपा ने कहा कांग्रेस हमेशा जनमानस का अपमान करती आई है। सरकार की योजना में हर पक्ष को लाभान्वित किया है, प्रो इनकंबेंसी निकलकर आती है और हम चुनाव जीते हैं, कांग्रेस में बकलोल रहती है, राहुल गांधी जीतू पटवारी जैसे नेतृत्व पर कांग्रेस को चिंतन करना चाहिए।
