डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित छोटा-सा ग्राम बोंदर आज जल जीवन मिशन की वजह से बड़ी सफलता की मिसाल बन गया है। जो गांव कभी पानी के संकट से जूझता था, वही आज हर घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाकर ग्रामीण जीवन में नई ऊर्जा, नए अवसर और नई उम्मीदें जगा रहा है। बोंदर के करीब 290 परिवार वर्षों से प्राकृतिक जलस्रोतों पर निर्भर थे। गर्मी के दिनों में ये जलस्रोत सूख जाते थे, जिसके चलते विशेषकर महिलाओं और बच्चों को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी ढोना पड़ता था। यह समस्या वर्षों से उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थी—लेकिन अब यह कठिनाई पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
कैसे बदली तस्वीर?
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पीएचई विभाग और ग्राम पंचायत ने मिलकर यहां उच्च क्षमता वाली पानी की टंकी, मोटर पंप, और सुदृढ़ पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया।इसके बाद सभी 290 घरों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए, जिससे अब प्रत्येक परिवार को नियमित, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल मिल रहा है।
महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव
गांव की महिलाएँ बताती हैं कि पहले उन्हें प्रतिदिन 2–3 घंटे सिर्फ पानी लाने में खर्च करने पड़ते थे। कामकाज, बच्चों की पढ़ाई और गृहस्थ जीवन पर इसका सीधा असर पड़ता था।
अब नल-जल सुविधा मिलने के बाद समय की बचत हो रही है,बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक समय मिल पा रहा है, घर का दैनिक जीवन आसान और व्यवस्थित हो गया है।
ग्राम समिति बनी आत्मनिर्भरता का आधार
योजना के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को सौंपी गई है।समिति द्वारामोटर-पंप संचालन,पाइपलाइन की मरम्मत और रखरखाव व सुधार कार्य स्वतंत्र रूप से किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
अधिकारियों ने क्या कहा?
पीएचई डिंडौरी के कार्यपालन यंत्री अफजल अमानुल्लाह खान के अनुसार “बोंदर में पानी की समस्या गंभीर थी। जल जीवन मिशन के तहत यहाँ उच्च क्षमता वाली पानी की टंकी बनाकर सभी 290 घरों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अब बोंदर पूरी तरह पानी की समस्या से मुक्त है।”
ग्रामीणों को मिला विकास का नया आधार
नल-जल योजना के सफल क्रियान्वयन के बाद महिलाओं के जीवन में श्रम का बोझ कम हुआ है, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में गिरावट आएगी, स्वच्छ पानी की उपलब्धता से बच्चों व बुजुर्गों की सेहत में सुधार होगा, और पूरे गांव के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। ग्राम बोंदर अब उन ग्रामीण क्षेत्रों में शामिल हो चुका है, जहां नल-जल योजना ने न केवल पानी का समाधान दिया, बल्कि विकास, स्वच्छता और सशक्तिकरण की नई शुरुआत भी की है।


