डिंडौरी/शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/ जिले में कड़ाके की ठंड ने जब आमजन की दिनचर्या को प्रभावित करना शुरू किया, तब प्रशासन की संवेदनशीलता भी उसी अनुपात में सक्रिय नजर आई। तापमान के 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाने के बावजूद कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने रात करीब 10 बजे स्वयं नगर के विभिन्न इलाकों का आकस्मिक भ्रमण कर यह संदेश दिया कि प्रशासन केवल आदेशों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर मौजूद लोगों के साथ खड़ा है।
कलेक्टर ने किया दौरा
कलेक्टर ने रैन बसेरा धर्मशाला, मुख्य बस स्टैंड, मंडला बस स्टैंड, नर्मदा डैम घाट, गुजराती धर्मशाला, बिलैया धर्मशाला एवं पुरानी डिंडोरी के रैन बसेरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ठहरने, अलाव, कंबल, चादर और अन्य मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को परखा और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
नेपाल के लोगों से किया संवाद
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नेपाल के जुमला जिले से आए उन लोगों से भी संवाद किया, जो जिले में जड़ी-बूटी बेचने का कार्य कर रहे हैं। कलेक्टर ने उनसे न केवल हाल-चाल जाना, बल्कि ठंड से बचाव हेतु गर्म कपड़े उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे संपर्क के लिए अपना मोबाइल नंबर भी साझा किया। यह पहल प्रशासन और आमजन के बीच भरोसे की मजबूत कड़ी के रूप में देखी गई।
परिक्रमावासियों से की चर्चा
नर्मदा नदी किनारे स्थित गुजराती धर्मशाला में कलेक्टर ने नासिक, जबलपुर, ओंकारेश्वर, उज्जैन, रायसेन, होशंगाबाद, सुहागपुर, खंडवा, गुजरात एवं नेपाल से आए परिक्रमा वासियों से चर्चा की। उन्होंने परिक्रमा मार्ग पर ठहराव, भोजन, विश्राम और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा ठंड से बचाव के लिए कंबल-चादर वितरण और रात्रि विश्राम की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अलाव की पूर्ण व्यवस्था की दी हिदायत
बढ़ती ठंड को देखते हुए नगर में लकड़ी और जलावन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही बस स्टैंड, नर्मदा घाट, प्रमुख चौराहों, रैन बसेरों और धर्मशालाओं में अलाव की व्यवस्था कराई गई है, ताकि कोई भी राहगीर, यात्री या परिक्रमा वासी ठंड के कारण परेशान न हो। जरूरतमंदों के लिए रुकने और आराम की व्यवस्थाओं को भी और अधिक सुदृढ़ किया गया है।
निरीक्षण के दौरान ये भी रहे मौजूद
इस मानवीय निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अधिकारी अमित तिवारी, तहसीलदार राम प्रसाद मार्को, जनसंपर्क अधिकारी, पत्रकारगण सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर का यह रात्रिकालीन भ्रमण न केवल प्रशासनिक सक्रियता का उदाहरण बना, बल्कि ठंड से जूझ रहे गरीबों, यात्रियों और परिक्रमा वासियों के लिए संवेदनशील शासन की सशक्त तस्वीर भी प्रस्तुत करता है।


