डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में अव्यवस्थाओं ने आखिरकार छात्रों को सड़क पर उतरने पर मजबूर कर दिया। कॉलेज की खस्ताहाल व्यवस्थाओं, सुविधाओं के अभाव और लगातार अनदेखी से नाराज छात्रों ने शनिवार को मुख्य द्वार पर ताला जड़कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जबलपुर-डिंडौरी मार्ग पर करीब तीन घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
छात्रों ने लगाया आरोप
छात्रों का आरोप है कि ‘एक्सीलेंस’ सिर्फ नाम में है, कुछ भी अच्छी सुविधाएं कहीं नहीं है। पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है। प्रयोगशालाए अव्यवस्थित, सामग्री का अभाव है। शौचालयों की सफाई और रखरखाव बेहद खराब है। सुरक्षा व्यवस्था नदारद, छात्राओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। बस सुविधा अव्यवस्थित है। कक्षाओं में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई।
छात्रों ने कहा कि महीनों से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन हर बार सिर्फ ‘समाधान जल्द होगा’ कह कर टाल दिया जाता है।
छात्रवृत्ति के नाम पर अवैध वसूली का भी आरोप
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि एससी/एसटी छात्रवृत्ति फॉर्म भरवाने के नाम पर 100–150 रुपए लिए गए, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। छात्रों ने इसे शोषण और पूरी तरह गैरकानूनी बताया।
लिखित कार्रवाई की जिद पर अड़े छात्र
प्रदर्शन के दौरान छात्र न केवल नारेबाज़ी करते रहे बल्कि उन्होंने साफ कहा कि लिखित आश्वासन दिए बिना ताला नहीं खुलेगा… अब झूठे वादे नहीं चलेंगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। लंबी बातचीत के बाद छात्रों ने जाम हटाने पर सहमति जताई।
कॉलेज प्राचार्य का पक्ष
प्राचार्य डॉ. सुनील दुबे ने बताया कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है। कई सुविधाओं के विस्तार पर तेजी से काम हो रहा है। लैब, पानी और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है। विश्वविद्यालय को संपूर्ण रिपोर्ट भेज दी गई है।


