डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ जिले के करंजिया जनपद मुख्यालय स्थित उत्कृष्ट विद्यालय करंजिया के खेल मैदान प्रांगण में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित गौंड़ जनजाति की सांस्कृतिक, शौर्यगाथा और आध्यात्मिक निरंतरता को दर्शाने वाला तीन दिवसीय भव्य जननायक सांस्कृतिक समारोह 18 से 20 नवंबर 2025 तक उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन ने गौड़ समाज के ऐतिहासिक तथ्यों, जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक मूल्यों को मंच पर जीवंत कर एक महत्वपूर्ण पहल की। समारोह में गौड़ समाज की परंपरागत विरासत पर आधारित विविध प्रस्तुतियाँ मुख्य आकर्षण रहीं, जिनमें पारंपरिक नृत्य, गीत, शौर्यगाथाएँ, रीति-रिवाज और ऐतिहासिक घटनाओं का मंचन विशेष रूप से सराहा गया।
विद्यालयों ने दी शानदार प्रस्तुतियां, दर्शक मंत्रमुग्ध
करंजिया एवं आसपास के कई शैक्षणिक संस्थानों ने उत्सव में सहभागिता निभाई। मंच पर प्रदर्शन देने वाले संस्थानों में हायर सेकेंडरी स्कूल रूसा, कन्या कस्तूरी विद्यालय करंजिया, बालक आश्रम करंजिया, रमसा छत्रावास, उत्कृष्ट विद्यालय कन्या छात्रावास करंजिया शामिल रहे। इन संस्थानों के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, गीत, नाटक मंचन और पारंपरिक गतिविधियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। कन्या छात्राओं द्वारा गौड़ जनजाति के पारंपरिक नृत्य का अद्भुत प्रस्तुतिकरण कार्यक्रम की विशेष शोभा बना। वहीं संस्कृति विभाग के कलाकारों द्वारा की गई शौर्यगाथाओं की प्रस्तुति ने दर्शकों में उत्साह और गर्व की भावना जगाई।
तीन दिनों में 4000 से अधिक दर्शकों ने लिया आनंद
कार्यक्रम स्थल पर प्रतिदिन भारी संख्या में दर्शकों की उपस्थिति रही।लगभग 4000 से अधिक दर्शकों ने तीन दिनों में प्रदर्शनों का आनंद लिया। दर्शकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन जनजातीय संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही विशेष उपस्थिति
समारोह में जिले के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। मुख्य रूप से कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, एसडीएम बजाग रामबाबू देवांगन, जनपद पंचायत करंजिया सीईओ अभय कुमार डिंडरसे, नायब तहसीलदार शैलेष गौर, थाना प्रभारी नरेंद्र पाल सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही जनजाति समाज के प्रतिनिधि एवं राजनीतिक नेताओं में वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णलाल हस्तपुरिया, जिला मंत्री गजेंद्र करचाम, भाजपा नेता दिलीप ताम्रकार, भाजपा उपाध्यक्ष गीता पट्टा मंडल अध्यक्ष राजकुमार मोंगरे भी उपस्थित रहे।
जनजातीय संस्कृति के संरक्षण को मिली नई दिशा
कार्यक्रम में दी गई प्रस्तुतियों ने दर्शकों को गौड़ जनजाति की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, सामाजिक संरचना, सांस्कृतिक जीवन और वीरता की परंपरा का नया अनुभव कराया। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए इसे जनजातीय पहचान को सहेजने की महत्वपूर्ण पहल बताया।
कलेक्टर ने कहा
“जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान न सिर्फ प्रदेश बल्कि देश की धरोहर है। ऐसे आयोजनों की भूमिका इस विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।”


