डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और आम नागरिकों को शुद्ध व स्वास्थ्यवर्धक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक अभिनव पहल की गई है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में अब डिंडौरी नगर में प्रत्येक रविवार जैविक हाट बाजार का नियमित आयोजन किया जा रहा है। इस हाट बाजार का आयोजन उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में जिला प्रशासन, मध्यप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
बिचौलियों के लिए नहीं जगह
इस जैविक हाट बाजार में जिले के ग्रामीण अंचलों से आने वाले छोटे एवं सीमांत किसान तथा महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। यहां जैविक पद्धति से उत्पादित ताज़ी सब्जियाँ, दालें, मिलेट्स (मोटे अनाज), शहद, पारंपरिक खाद्य सामग्री, घरेलू मसाले एवं हस्तशिल्प उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसानों को उनके उत्पादों का बिचौलियों के बिना सीधा और उचित मूल्य मिल रहा है, वहीं उपभोक्ताओं को रसायन मुक्त, ताज़ा एवं पौष्टिक उत्पाद एक ही स्थान पर प्राप्त हो रहे हैं।
कलेक्टर ने की तारीफ
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि जैविक हाट बाजार केवल एक बिक्री केंद्र नहीं है, बल्कि यह जिले में जैविक खेती को प्रोत्साहन देने का एक मजबूत मंच है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा किसानों और महिला समूहों को जैविक खेती का प्रशिक्षण, उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन एवं परिवहन संबंधी सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता बनी रहे और उन्हें बेहतर बाजार मिल सके।
उपभोक्ताओं के विश्वास पर जोर
हाट बाजार में बिकने वाले सभी उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जैविक उत्पादन के सत्यापन को अनिवार्य किया गया है। केवल सत्यापित जैविक उत्पादकों को ही हाट बाजार में स्टॉल लगाने की अनुमति दी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहे।
स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता
इस पहल से जिले में जैविक खेती के क्षेत्रफल में वृद्धि, किसानों की आय में इजाफा, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक आत्मनिर्भरता, तथा आम नागरिकों में स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों द्वारा इस हाट बाजार को भरपूर समर्थन मिल रहा है और हर सप्ताह खरीदारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
अन्य जिलों के लिए भी प्रेरक
प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में यह जैविक हाट बाजार डिंडौरी जिले की पहचान बनेगा और अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। यह पहल न केवल खेती के स्वरूप को बदल रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा दे रही है।
