P?c1=2&c2=41463588&cv=3.9
Saturday, April 18, 2026
No menu items!
spot_img
Homeमध्यप्रदेशDindori News : क्लासरूम में मरीज, वार्ड में बच्चे… परसेल की चौंकाने...

Dindori News : क्लासरूम में मरीज, वार्ड में बच्चे… परसेल की चौंकाने वाली हकीकत

अस्पताल भवन में चल रहा सरकारी स्कूल

डिंडौरी /शैलेश नामदेव /खबर डिजिटल/ डिंडौरी जिले की बदहाल शिक्षा व्यवस्था की एक चौंकाने वाली तस्वीर करंजिया विकासखंड के ग्राम परसेल में सामने आई है, जहां सरकारी माध्यमिक शाला का संचालन अस्पताल भवन में किया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि जिस भवन में मरीजों का इलाज होना चाहिए, उसी भवन में बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं, जबकि पढ़ाई का माहौल इलाज की आपाधापी में दबकर रह गया है।

जर्जर अवस्था में स्कूल भवन
जानकारी के अनुसार परसेल गांव का स्कूल भवन लगभग एक वर्ष पूर्व जर्जर अवस्था में पहुंच गया था। सुरक्षा कारणों के चलते भवन को डिस्मेंटल कर दिया गया, लेकिन इसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल संचालन के लिए कोई वैकल्पिक स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। मजबूरी में विद्यालय को गांव के अस्पताल भवन में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल के छोटे-छोटे कमरों में लगभग 57 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। इन्हीं कमरों में मरीजों की आवाजाही, उपचार और दवाओं का वितरण भी होता है। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि संक्रमण फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है।

ग्रामीणों ने दी जानकारी
ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में इसी भवन में टीवी उन्मूलन भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिससे अस्पताल में मरीजों की संख्या और बढ़ गई। ऐसे में बच्चों को उसी भीड़भाड़ के बीच बैठकर पढ़ाई करनी पड़ी। पालकों में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। शिक्षकों का कहना है कि सीमित संसाधनों और अव्यवस्थित वातावरण के बावजूद वे किसी तरह पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अस्पताल और स्कूल का एक साथ संचालन शिक्षा के साथ अन्याय है।

प्रशासनिक जवाब
मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि अस्पताल भवन में स्कूल का संचालन नियमों के अनुरूप नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी रूप से की गई थी, लेकिन अब इसे लंबे समय तक जारी नहीं रखा जाएगा। ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत के सहयोग से स्कूल के लिए वैकल्पिक भवन चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी माना है कि एक ही भवन में मरीजों और बच्चों की मौजूदगी उचित नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द ही स्कूल को अलग स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा।

ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों और पालकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल के लिए तुरंत सुरक्षित और अलग भवन उपलब्ध कराया जाए तथा जर्जर स्कूल भवन के स्थान पर नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों का भविष्य किसी अस्थायी और जोखिम भरी व्यवस्था की भेंट नहीं चढ़ना चाहिए। अब देखना यह होगा कि प्रशासनिक आश्वासन कब तक जमीन पर उतरता है और परसेल के बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का अधिकार कब तक मिल पाता है।

सम्बंधित ख़बरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

लेटेस्ट