छिदवाड़ा/तौफीक मिस्कीनी/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश का छिंदवाड़ा इन दोनों विदेशियों को पसंद आ रहा है। एक छोटा सा गांव सावरवानी अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र बना हुआ है, इसे हम इसलिए अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र बोल रहे हैं क्योंकि यहां विदेशी मेहमानों की लाइन लगी हुई है, और विदेशी मेहमानों का आना यहां लगातार जारी है। ये विदेशी मेहमान फाइव स्टार होटल में ना रुखकर होम स्टे में रहना पसंद कर रहे हैं, ताकि गांव की संस्कृति को जान सके। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया से आए पर्यटकों ने चार दिन बिताया है और गांव की संस्कृति को जाना है। ऑस्ट्रेलिया से आए पर्यटक कैनेथ जोएल और एक अन्य पर्यटक ने होम स्टे में चार दिन बिताया है और फिर आने का वादा किया है।
सावरवानी गांव विदेशी मेहमानों की पसंद
छिंदवाड़ा जिले के लगभग 120 किलोमीटर देलाखारी से कुछ ही किलोमीटर की दूरी में स्थित एक छोटा सा गांव सावरवानी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान का केंद्र बन गया है, क्योंकि प्रदेश में सबसे ज्यादा विदेशी मेहमान को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने छिदवाडा विलेस वेज के जरिए इस गांव को मॉडल के रूप में विकसित किया है। वहीं ऐसे में प्रदेश में सबसे ज्यादा विदेशियों की पसंद होमस्टे बना हुआ है, इसीलिए सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंच रहे हैं और भारतीय संस्कृति को करीब से देख रहे हैं।
भोजन में मक्का,ज्वार, बाजरा की रोटी और चटनी
यहां पहुंचने वाले विदेशी मेहमानों को चूल्हे में बने पारंपरिक तौर पर तैयार हुए भोजन मक्का, ज्वार, बाजरा की रोटी, दाल-बाटी, दाल चावल सहित अन्य व्यंजनों को दिया जाता है। खास बात यह है कि गांव के आसपास ही अब सिर्फ जैविक पद्धति से खेती की जाती है, जैविक खाद से उपजाई जाने वाली सब्जियों को ही परोसा जाता है, जो अब विदेशी मेहमानों की पसंद बन चुकी है।


