लंबित मामलों पर फटकार, विवेचकों पर जुर्माना—फिर भी अपराध नियंत्रण पर सवाल
सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी— जिले में बढ़ते अपराध और पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में खुद पुलिस अधीक्षक को अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाना पड़ा।बैठक में साफ तौर पर सामने आया कि कई गंभीर मामले अब तक लंबित हैं और समय सीमा के बावजूद उनका निराकरण नहीं किया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक ने लापरवाह विवेचकों पर 500-500 रुपये का अर्थदंड लगाया, जो यह दर्शाता है कि विभाग के भीतर ही अनुशासन की कमी बनी हुई है।संपत्ति संबंधी अपराधों में कम बरामदगी प्रतिशत और ऑपरेशन मुस्कान व ऑपरेशन शिकंजा जैसी योजनाओं की धीमी प्रगति भी चिंता का विषय रही। वहीं शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की समीक्षा से भी स्पष्ट हुआ कि जमीनी स्तर पर प्रभावी नियंत्रण नहीं बन पा रहा है।सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में भी ढिलाई सामने आई, जिसके चलते आम जनता की समस्याएं समय पर हल नहीं हो पा रहीं। महिला अपराधों को लेकर भी पुलिस को सख्त निर्देश देने पड़े, जो इस बात का संकेत है कि इन मामलों में संवेदनशीलता और तेजी अभी भी अपेक्षित स्तर पर नहीं है।गुंडा और निगरानी बदमाशों पर नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर अब तक यह निगरानी कितनी प्रभावी रही?कुल मिलाकर, बैठक ने यह साफ कर दिया कि कटनी पुलिस को अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है।
