मेघनगर/सुनील डाबी/डिजिटल भास्कर/शुक्रवार को मेघनगर में भारतीय मजदूर संघ द्वारा स्वदेशी दिवस बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण और वनवासी क्षेत्रों से जुड़े मजदूर अत्यधिक संख्या में उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर स्वदेशी भावना और राष्ट्रप्रेम के माहौल से गुंजायमान हो उठा।
इन्होंने की कार्यक्रम में शिरकत
कार्यक्रम का आयोजन भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से वनवासी ग्रामीण मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधु सिंह भाभर, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री सोमजी भूरिया, पूर्व जिला मंत्री दिनेश देवाणा, वनवासी ग्रामीण जिला अध्यक्ष बाबू मचार, महेश मचार, वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश प्रजापति, पूर्व सोसायटी अध्यक्ष रसीया पारगी, सुनील डाबी, दशरथ सिंह कट्ठा, मट्टू सिंह बारिया, गुड्डू मचार, बादल वसुनिया, टीहिया मचार तथा अन्य अनेक पदाधिकारी व वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
स्वदेशी का मार्ग सबसे महत्वपूर्ण
भारतीय मजदूर संघ के जिला मीडिया प्रभारी मुकेश सिसोदिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी का मार्ग सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक मजबूती का साधन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गौरव, राष्ट्रीय स्वाभिमान और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने का माध्यम है। वक्ताओं ने मजदूरों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।
मजदूरों ने रखी समस्याएं
बैठक में मजदूरों ने अपनी-अपनी समस्याएँ रखीं, जिनमें मजदूरी से जुड़ी कठिनाइयां, काम के अवसर बढ़ाने की मांग और सामाजिक सुविधाओं की जरूरतों का उल्लेख किया गया। भारतीय मजदूर संघ के नेताओं ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए मजदूरों को भरोसा दिलाया कि उनके समाधान के लिए संगठन हर संभव प्रयास करेगा और प्रशासन तक उनकी आवाज मजबूती से पहुँचाई जाएगी।
स्वदेशी से छोटे मजदूरों को फायदा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग बढ़ाने से छोटे उद्योग, कारीगर, किसान और स्थानीय उद्यमियों को सीधा लाभ मिलता है, जिससे समाज की आर्थिक संरचना सुदृढ़ होती है। अंत में उपस्थित सभी मजदूरों, पदाधिकारियों और ग्रामीण जनों ने यह सामूहिक संकल्प लिया कि स्वदेशी का संदेश घर-घर पहुँचाया जाएगा और विदेशी वस्तुओं के उपयोग को यथासंभव कम किया जाएगा।
मजदूरों को किया जागरुक
स्वदेशी दिवस का यह कार्यक्रम न केवल मजदूरों को जागरूक करने का माध्यम बना, बल्कि समाज में आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी प्रबल रूप से स्थापित कर गया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश देवाणा ने किया आभार सुनील खराडी ने माना।


