भोपाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर कर्ज लेने जा रही है, होली यानी 4 मार्च को तीन चरणों में 4700 करोड़ का कर्ज लिया जाएगा, सरकार यह कर्ज 9 साल से लेकर 23 वर्ष तक के लिए लेने वाली है। बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार ने तीसरा अनुपूरक पेश किया था, हालांकि इसके बाद भी राज्य सरकार को खुले बाजार से कर्ज लेना पड़ रहा है। जिसके चलते एक बार फिर आर्थिक बोझ बढ़ने वाला है, लेकिन सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश की व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सरकार तीन चरणों में लेगी कर्ज
मध्यप्रदेश सरकार तीन चरणों में 4700 करोड़ रुपये का बजट तीन चरणों में लेगी। पहले चरण में सरकार 9 सालों के लिए 1800 करोड़ का कर्ज लिया जाएगा, इस कर्ज का सरकार 4 मार्च 2035 को चुकाने वाली है, यानी समय सीमा 9 साल के लिए होगी। दूसरे चरण में सरकार 1600 करोड़ का लेगी, यह कर्ज भी 4 मार्च को लिया जाएगा। इस कर्ज को सरकार 13 सालों में चुकाने वाली है। जिसको लौटाने ने की समयसीमा 2039 तय की गई है। तीसरे चरण में सरकार1300 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है, यह कर्ज सरकार 15 सालों के लिए ले रही है. सरकार 4 मार्च 2041 तक चुकाएगी।
साल 2026 का कुल कर्ज
मध्यप्रदेश सरकार ने 6 जनवरी को 4 हजार करोड़ का कर्ज लिया, जोकि चार अलग-अलग चरणों था, इसके अलावा 20 जनवरी को राज्य सरकार ने 5 हजार करोड़ का कर्ज लिया, 27 जनवरी को राज्य सरकार ने 6 हजार करोड़ का कर्ज लिया था, और 3 फरवरी को राज्य सरकार द्वारा 5200 करोड़ का कर्ज लिया, यह कर्ज भी सरकार द्वारा 17 से 22 सालों के लिए लिया गया, 10 फरवरी को राज्य सरकार ने 5 हजार करोड़ का कर्ज लिया था, इसी तरह 17 फरवरी को भी सरकार ने 5600 करोड़ का कर्ज लिया, जबकि राज्य सरकार द्वारा बजट 18 फरवरी को पेश किया गया।
मध्यप्रदेश सरकार पर बढ़ रहा लगातार कर्ज
राज्य सरकार पर बढ़ते कर्ज का आंकड़ा 31 मार्च 2025 की स्थिति में बढ़कर 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ पहुंच गया है। यह कर्ज सरकार द्वारा बाजार से लोन के रूप में, वित्तीय संस्थाओं, केन्द्र सरकार समेत अन्य संस्थाओं से लिया, जिसके चलते फरवरी 2026 तक की स्थिति में राज्य पर कर्ज बढ़कर करीबन 4.90 लाख करोड़ का पहुंच चुका है, जो प्रदेश के मौजूदा बजट से भी ज्यादा है।


