इन दिनों जगहों के नाम बदलने की चर्चा जोर पकड़ रही है, तो क्यों न कुछ और नामों पर भी नजर डाली जाए. शुरुआत “हुजूर” से ही कर लेते हैं. मध्यप्रदेश में दो तहसीलों का नाम हुजूर है, एक भोपाल जिले में और दूसरी रीवा में. एक जैसा नाम होने की वजह से कई बार भ्रम की स्थिति बन जाती है.
क्यों नाम बदलने की उठ रही मांग
भोपाल की हुजूर तहसील तो अपने आप में एक अलग ही उदाहरण है. दिलचस्प बात यह है कि इस नाम से वहां कोई शहर, मोहल्ला या बस्ती तक नहीं है, फिर भी भोपाल का बड़ा हिस्सा इसी तहसील में आता है. इतना ही नहीं, भोपाल में एक विधानसभा सीट का नाम भी हुजूर है. यह सीट कुछ साल पहले बनाई गई थी और इसकी भौगोलिक स्थिति भी काफी अलग है. इसका एक हिस्सा सीहोर के पास तक जाता है, तो दूसरा रायसेन जिले की ओर फैला हुआ है. इस सीट में ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं. माना जाता है कि इसका नाम तहसील के नाम पर ही रखा गया, हालांकि इसमें अन्य तहसीलों के इलाके भी शामिल हैं. वहीं “हुजूर” शब्द खुद में सामंती दौर की झलक देता है, इसलिए इसके नाम को बदलने की बात भी उठती रही है.
इसी तरह प्रदेश में कई ऐसे मोहल्ले और इलाके हैं जिनके नाम जाति आधारित हैं. कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ऐसे नामों को बदलने की मांग की थी. उदाहरण के तौर पर लोहारपुरा, सुनारपुरा, ढीमरखेड़ा, गुजरपुरा, तेलीपुरा, चमारपुरा, ब्राह्मणपुरा, कायस्थपुरा जैसे कई नाम हैं. इसके अलावा कुछ जगहों के नाम ऐसे भी हैं जो अजीब या असहज लगते हैं, जैसे चोरघटा, चटाईपुरा, झुंड, ठीकरी, फुटेरा, भड़भड़िया, लंगोटी, चोली, चोरपुरा और अन्य.
कैसे बदला जाता है नाम
अगर किसी जगह का नाम बदलना हो तो इसके लिए एक तय प्रक्रिया होती है. सबसे पहले स्थानीय निकाय प्रस्ताव पास करता है, फिर यह जिला प्रशासन के पास जाता है. वहां से इसे राज्य सरकार और फिर केंद्र सरकार को भेजा जाता है. आखिर में गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी होता है.
इन जगहों का बदल चुका है नाम
मध्यप्रदेश में पहले भी कई जगहों के नाम बदले जा चुके हैं. जैसे होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम किया गया, नसरूल्लागंज अब भैरुंदा कहलाता है और फंदा का नाम हरिहरनगर रखा गया. इसी तरह गंजबासौदा को वासुदेवनगर, मुलताई को मूलतापी और कांटाफोड़ को कांतापुर नाम दिया गया. कई अन्य जगहों के नाम भी बदले जा चुके हैं. वहीं कुछ शहरों और कस्बों के नाम बदलने की मांग अभी भी जारी है. जैसे भोपाल को भोजपाल, कटनी को कनकपुर, विदिशा को वैदवती, उज्जैन को अवंतिका नगरी और जबलपुर को जबालिपुरम करने की मांग उठती रही है. इसके अलावा भी कई जगहों के नाम बदलने को लेकर चर्चा होती रहती है.
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