भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के पुलिस महकमे में प्रमोशन को लेकर नई कवायद शुरु कर दी गई है। पुलिस में सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर और सूबेदार से रक्षित निरीक्षक (आरई) के पदों पर प्रमोशन का रास्ता साफ हो चुका है, विभागीय पदोन्नति समिति का गठन सोमवार को कर दिया गया। कमेटी के अध्यक्ष एडीजी केपी वेंकटेश्वर राव इस समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि डीआईजी संतोष सिंह गौर, डीआईजी ओमप्रकाश त्रिपाठी एवं एआईजी अमित सक्सेना इस कमेटी के सदस्य होंगे। डीजीपी कैलाश मकवाणा द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार यह समिति योग्य प्रमोशन के लिए योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार करेगी।
इंस्पेक्टर एवं आरआई के करीब 600 पद खाली
एमपी पुलिस में इंस्पेक्टर एवं आरआई स्तर के लगभग 2 हजार पद हैं, जोकि इंस्पेक्टर विभागीय, जांच एजेंसियों, ट्रैफिक और पुलिस थानों में पदस्थ होते हैं। फिलहाल प्रदेश में इनके 2 हजार पदों में से 600 खाली पड़े हैं, जबकि लगभग 400 पदों पर सब इंस्पेक्टरों और सूबेदारों को कार्यवाहक पदोन्नति दी गई है। सरकार ने तय किया था कि पुलिस में रेगुलर प्रमोशन दिया जाएगा, और कार्यवाहक पद खत्म किए जाएंगे। ऐसे में कमेटी कार्यवाहक पदों पर तैनात अफसरों की भी छानबीन की जाएगी। हालांकि संभावना यही है कि अधिकांश कार्यवाहक पदों पर तैनात इंस्पेक्टरों और आरआई को इन पदों पर प्रमोट किया जाएगा और शेष पदों पर प्रमोशन के लिए तय अवधि पूरी करने वाले सब इंस्पेक्टरों और सूबेदारों के नाम पर विचार होगा।
कोर्ट में मामला होने के कारण अटका प्रमोशन
नियमानुसार सामान्य तौर पर सात से दस साल की सेवा पूरी कर चुके सब इंस्पेक्टर को इंस्पेक्टर और सूबेदार के पद पर प्रमोट किया जाता है, इसी तरह सूबेदार को आरआई के पद पर प्रमोट करते हैं। इसके अलावा फील्ड में असाधारण काम दिखाने वाले सब इंस्पेटरों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाता है। एमपी में आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जारी मामले के कारण प्रमोशन की अटकी प्रक्रिया को फिर से चालू करने के लिए पिछले दिनों कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। इससे पहले पुलिस महकमे में पिछले 9 साल से सब इंस्पेक्टर को कार्यवाहक इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी दी जा रही थी।


