भोपाल/ खबर डिजिटल: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर अब सख्त कार्रवाई होगी। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया (फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, हाईक, एस.एम.एस. टेलीग्राम) जैसी अन्य साइट का दुरुपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भड़काने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों भेजता है तो उस व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रुप एडमिन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी
पुलिस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट, जिसमें धार्मिक, सांप्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़कती हो, को कमेंट, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड नहीं करेगा। ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके। कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो, ऑडियो इत्यादि, जिससे धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाएं भड़क सकती हैं या सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हो सकता है, उन्हें प्रसारित नहीं करेगा।

पुलिस आयुक्त ने आदेश जारी किया
पुलिस आयुक्त भोपाल हरिनारायणचारी मिश्र ने भोपाल शहर में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी। आयुक्त श्री मिश्र ने बताया कि भोपाल में जन सुरक्षा तथा लोक परिशांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
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आदेश में यह भी उल्लेख है कि कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा समुदाय के मध्य घृणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से नहीं करेगा और न ही इसके लिए किसी को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़-मरोड़कर, भड़काकर उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेश, जिससे लोग या समुदाय विशेष, हिंसा या गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाएं, को प्रसारित नहीं करेगा और न ही लाइक, शेयर या फारवर्ड करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति, समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नहीं करेगा, जिसमें किसी व्यक्ति, संगठन, समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने और उनसे कोई गैरकानूनी गतिविधियां करने के लिए आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो।
साइबर कैफे चलाने वालों के लिए आदेश
आदेश में उल्लेख किया है कि भोपाल शहर की सीमा में किसी भी साइबर कैफे के स्वामी संचालक द्वारा किसी भी अनजान व्यक्ति, जिसका परिचय किसी विश्वसनीय प्रमाण-पत्र, जैसे परिचय पत्र, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, पासपोर्ट फोटोयुक्त, पैन कार्ड या ऐसे ही अन्य साक्ष्य से प्रमाणित न हो, को साइबर कैफे का उपयोग नहीं करने दिया जायेगा।
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साइबर कैफे के स्वामी/संचालक द्वारा समस्त आगंतुकों/प्रयोगकर्ताओं का रजिस्टर रखा जाना आवश्यक है, जिसमें उनका हस्तलिखित नाम, पता, दूरभाष नम्बर तथा परिचय का प्रमाण पत्र अंकित हो, इसके बिना सायबर कैफे का प्रयोग वर्जित होगा। साइबर कैफे में बिना कैमरा लगाए जिसमें प्रत्येक आंगतुक / प्रयोगकर्ताओं की फोटो खींची जा सके तथा उसका अभिलेख सुरक्षित रखा जाना आवश्यक होगा।
तत्काल प्रभावी होगा आदेश
भोपाल नगर की सीमा में उपरोक्त गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा। यह आदेश आगामी दो माह तक लागू रहेगा। इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना यथा स्थिति अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध होगा।
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