राकेश यादव/ खबर डिजिटल/सिवनी। जिले के बंडोल क्षेत्र में सरकारी सिस्टम की लापरवाही ने ग्रामीणों के हलक सुखा दिए हैं। ग्रामीण जल प्रदाय योजना के अंतर्गत संचालित नल-जल योजना इन दिनों पूरी तरह से अव्यवस्था और कर्मचारियों की मनमानी की भेंट चढ़ चुकी है। स्थिति यह है कि जनता को पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई यह योजना अब केवल फाइलों तक सीमित नजर आ रही है।
वाल-मैन की तानाशाही और अभद्रता
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, योजना के सुचारू संचालन के लिए तैनात वाल-मैन अपनी मनमर्जी पर उतारू है। आरोप है कि वह बिना किसी सूचना के बीच में ही टंकियां भरना बंद कर देता है। जब ग्रामीण इस समस्या को लेकर उससे बात करने की कोशिश करते हैं, तो समाधान मिलने के बजाय उन्हें अभद्र भाषा और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है। वाल-मैन सीधे तौर पर ग्रामीणों को अधिकारियों से बात करने की नसीहत देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि जब इस समस्या से नल-जल योजना के प्रभारी अधिकारी हरिदास जी को फोन के माध्यम से अवगत कराया गया, तो उन्होंने कोई ठोस आश्वासन देने के बजाय चुप्पी साध ली। विभागीय अधिकारियों की यह उदासीनता साफ दर्शाती है कि निचले स्तर के कर्मचारियों को कहीं न कहीं वरिष्ठों का मूक संरक्षण प्राप्त है।
कलेक्टर तक पहुंचेगा मामला
पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों का आक्रोश अब चरम पर है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का निराकरण नहीं किया गया और लापरवाह कर्मचारियों पर गाज नहीं गिरी, तो वे जिला कलेक्टर से इस मामले की लिखित शिकायत करेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या बंडोल की जनता को गर्मी के इस मौसम में बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।


