दमोह/वैभव नायक/खबर डिजिटल/ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो दमोह पहुंचे, जहां वह बाल्मीकि बस्ती पहुंचकर वाल्मीकि समाज के लोगों और सफाई कर्मचारियों से मिले और उनकी समस्याओं को जाना। इस दौरान उनके द्वारा नगर के के चर्चित मिशन अस्पताल में फर्जी डॉक्टर के इलाज और प्रबंधन की लापरवाही से हुई 7 मौतों के मामले में हो रही जांच और कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल भी उठा।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाया सवाल
प्रियंक कानूनगो ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रही जिसके चलते पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना मुश्किल होगा, उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर में मृतकों का नाम होने ना होने के चलते उन्हें आयोग की अनुशंसा से मिलने वाली राहत राशि मिलने में भी मुश्किल होगी। उन्होंने मृतक के परिजनों से अपील की कि वह जाकर मामले की एफआईआर दर्ज कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस न्याय की लड़ाई को लड़ते रहेंगे, जबतक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता।
आरोपियों के समर्थन पर कांग्रेस को घेरा
इस दौरान उन्होंने मिशन अस्पताल सहित धर्मांतरण मामले में चर्चित गंगा जमुना मामले में कांग्रेस नेताओं द्वारा आरोपियों के समर्थन पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि बेरोजगार कांग्रेस नेता कुछ पैसों की लालच में ऐसे लोगों का समर्थन करते है, ताकि उन्हें रोजगार मिल सके।


