रीवा/अरविन्द तिवारी/खबर डिजिटल/ रीवा कलेक्ट्रेट परिसर के सामने यूजीसी के समर्थन में हुआ उग्र प्रदर्शन अब कानूनी और सामाजिक विवाद में बदल गया है। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एक कुत्ते को ज्ञापन सौंपे जाने और प्रशासन के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियों का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
कई घंटों यातायात रहा था प्रभावित
जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन कई घंटों तक चला, जिससे कलेक्ट्रेट के सामने यातायात प्रभावित रहा। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताने के नाम पर प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हरकत की। वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और विभिन्न सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखने को मिली। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, शांति भंग करने और अमर्यादित आचरण के आरोप में करीब 300 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सीसीटीवी फुटेज से कर रहे पहचान
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी है। घटना के विरोध में आज ब्राह्मण समाज के अधिवक्ताओं ने सिविल लाइंस थाने पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन प्रशासन का अपमान किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।


