डिंडौरी/खबर डिजिटल/शैलेश नामदेव/ डिंडोरी, जिले के अंतर्गत आने वाले करंजिया विकासखंड के उमरिया वन ग्राम कुटेली दादर में आज विकास की दावों की जमीनी हकीकत सामने आ गई। नेशनल हाईवे NH-45 अमरकंटक–जबलपुर मार्ग की अत्यंत जर्जर हालत से नाराज होकर क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। सड़क पर फैले भ्रष्टाचार और बदहाली के खिलाफ ग्रामीणों ने ‘चक्का जाम’ कर दिया, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए।
प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी
सड़क पर धरने पर बैठे ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह हाईवे अब केवल कागजों पर ही ‘नेशनल हाईवे’ बचा है, हकीकत में यह जानलेवा गड्ढों का समूह बन चुका है। सड़क के बीचों-बीच इतने गहरे गड्ढे हैं कि बरसात के बिना भी वहां जलभराव की स्थिति बनी रहती है।
Kunal Choudhary: कुणाल चौधरी के बिगड़े बोल, सस्ता नशा करता है शिवराज
खराब सड़क के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग को कई बार लिखित में आवेदन दिया गया, लेकिन अधिकारी केवल आश्वासन देकर भूल जाते हैं। ”सड़क की हालत इतनी खराब है कि बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाना भी चुनौती बन गया है। जब तक ठोस काम नहीं होता, हम चुप नहीं बैठेंगे।”
पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद खुला जाम
चक्का जाम की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुँची। दोनों ओर वाहनों की मील लंबी कतारें लग चुकी थीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांगों को सुना और संबंधित विभाग से बात कर जल्द से जल्द गड्ढों को भरने और सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराने का भरोसा दिलाया।चकाजाम करीब 5 घंटे चला। अधिकारियों के लिखित और मौखिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया।
MP Nagariya Nikay Chunav: कब होंगे एमपी में नगरीय निकाय चुनाव? सामने आई तारीख!
काम शुरू नहीं हुआ तो बंद करेंगे पूरा जिला
ग्रामीणों ने स्पष्ट लहजे में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यह विरोध केवल एक शुरुआत है। यदि अगले कुछ दिनों के भीतर धरातल पर सड़क सुधार का काम शुरू नहीं होता है, तो पूरा क्षेत्र उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। ग्रामीणों ने कहा कि अगली बार केवल सड़क जाम नहीं होगी, बल्कि उग्र प्रदर्शन किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
Digvijay vs Uma Bharti: दिग्विजय बनाम उमा भारती, 27 साल पुरानी फिर खुली फाइल


