सिवनी/संतोष बंदेवार/खबर डिजिटल/ हनुमान गढ़ी स्थित शिवमठ गौघाट हिनोतिया, कान्हीवाडा में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बरसाना (उत्तर प्रदेश) से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पूज्य आचार्य हेमंत कृष्ण जी महाराज ने सत्य ही सर्वोपरि धर्म है विषय पर भावपूर्ण प्रवचन दिया। पूज्य महाराज ने कहा कि मानव जीवन और समाज की नींव सत्य पर ही टिकी है। शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है- सत्यान्नास्ति परो धर्मः, अर्थात सत्य से बड़ा कोई धर्म नहीं। सत्य केवल वाणी की शुद्धता नहीं, बल्कि आचरण, न्याय और नैतिकता का प्रतीक है।
आज के युग में सत्य की आवश्यकता
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब भ्रामक सूचनाएँ तेजी से फैलती हैं, तब सत्य की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। सत्य के मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव है।
भीष्म-कृष्ण प्रसंग से भक्ति का संदेश
कथा के दौरान पूज्य महाराज ने महाभारत प्रसंग का वर्णन करते हुए भीष्म पितामह और भगवान श्रीकृष्ण के बीच के दिव्य प्रेम को उजागर किया। उन्होंने बताया कि भक्त की प्रतिज्ञा निभाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं अपनी प्रतिज्ञा तोड़ दी, जो भक्ति की चरम सीमा का उदाहरण है।
श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
यह महायज्ञ एवं भागवत कथा 11 जनवरी से 19 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 1 से 5 बजे तक आयोजित हो रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। आयोजन का यह 27वां वर्ष है।


