देवास/पवन उपाध्याय/खबर डिजिटल/ सोनकच्छ नगर से 10 किमी दूर एक गांव में कलयुगी सौतेले पिता ने इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना को अंजाम दिया था। उसने अपनी सौतेली बेटी को हवस का शिकार बनाया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान बनाकर न्यायालय में पेश किया था। जिसे अब न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला
नगर से 10 किमी दूर एक गांव में 18 दिसंबर 24 को सौतेले पिता बबलू पिता रामाजी ने पहले उसकी पत्नी से मारपीट की व उसके बाद उसकी 10 वर्षीय बालिका को एक कमरे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बालिका की मां की फरियाद पर सोनकच्छ पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरु कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो आरोपी ने घटना करना कबूल किया था। उस दौरान आरोपी ने पुलिस को कहा था कि शराब के नशा में गलत कार्य हो गया। पुलिस ने चालान बनाकर द्वितीय अपर सत्र न्यायालय राकेश जमरा के समक्ष पेश किया। जहां आज सोनकच्छ द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश ने 11 महीने में फैसला सुनाते हुए आरोपी बबलू को पूरे जीवनकाल जेल में रहने का कारावास की सजा व दो हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी महेंद्रसिंह सीतोले ने की विशेष सहयोग जसवंत सिंह पंवार का रहा।


