Kamal Nath BJP: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ‘नाथ’ यानी कमलनाथ को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। एक तरफ जहां पूरी कांग्रेस मिडिल ईस्ट युद्ध से बनी एलपीजी संकट स्थिति को लेकर मोदी सरकार की घेराबंदी कर रही है, वहीं कमलनाथ ने अपनी ही पार्टी के अभियान की हवा निकाल दी है। कमलनाथ के हालिया बयान ने एक बार फिर उनके भाजपा में जाने की दबी हुई चर्चाओं को हवा दे दी है।
‘सिलेंडर’ अभियान पर नाथ का ‘पिन’
कांग्रेस इन दिनों ‘नरेंद्र भी गायब, सिलेंडर भी गायब’ जैसे नारों के साथ प्रदर्शन कर रही है। राहुल गांधी खुद इस मुद्दे पर आक्रामक हैं, लेकिन कमलनाथ ने पार्टी लाइन से बिल्कुल अलग रुख अपनाते हुए कहा है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि गैस की कमी नहीं है, बल्कि वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि कमी का केवल माहौल बनाया गया है।
भाजपाक का पलटवार
दिलचस्प बात यह है कि यही बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी कह रहे हैं। कमलनाथ के इस बयान ने भाजपा को कांग्रेस पर पलटवार करने का बड़ा मौका दे दिया है। कमलनाथ के इस स्टैंड से भाजपा खेमे में खुशी की लहर है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कमलनाथ ने खुद स्वीकार कर लिया कि कांग्रेस केवल भ्रम फैला रही है। वहीं, कांग्रेस के अंदर इस बयान को अनुशासनहीनता के तौर पर देखा जा रहा है।
भाजपा में जाने की अटकलें!
लोकसभा चुनाव से पहले भी कमलनाथ और उनके पुत्र नकुलनाथ के भाजपा में शामिल होने की खबरें जोरों पर थीं। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से कमलनाथ हाशिए पर नजर आ रहे हैं। दिल्ली दरबार ने भी उन्हें फिलहाल किसी बड़ी भूमिका में नहीं रखा है, जिससे उनकी नाराजगी की खबरें अक्सर आती रहती हैं। पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भाजपा के सुर में सुर मिलाना, उनके राजनीतिक भविष्य के नए संकेतों की ओर इशारा कर रहा है।


