MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए कई जिलों में भारी तबाही मचा दी है। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के चलते जहां जनजीवन प्रभावित हुआ, तो वहीं किसानों की मेहनत पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सबसे ज्यादा असर मंदसौर, उज्जैन, नागदा और हटा के बटियागढ़ समेत कई इलाकों में देखने को मिला, जहां तेज हवाओं के साथ ओले गिरे और बारिश हुई।
बटियागढ़ में तूफान का कहर
हटा के बटियागढ़ क्षेत्र में तेज तूफान के चलते कई पेड़ उखड़ गए। पशु अस्पताल के सामने खड़ी एक कार पर भारी पेड़ गिरने से वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। रास्ता अवरुद्ध होने से यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे बाद में स्थानीय प्रशासन की मदद से बहाल किया गया।
किसानों पर संकट
मंदसौर और नागदा क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। कई किसानों की फसल पहले से कटी हुई खेतों में पड़ी थी, जिस पर बारिश ने पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह बिगड़ा रहा तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
उज्जैन में राहत भी, चिंता भी
उज्जैन में बीते सोमवार को दिनभर की तेज गर्मी के बाद शाम को मौसम ने राहत दी, लेकिन यह राहत किसानों के लिए चिंता बन गई। शहर में बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे तापमान में गिरावट आई, लेकिन फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई।
मौसम का डबल अटैक
आपको बता दें कि प्रदेश में मौसम का डबल अटैक पड़ा है। मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। तो वही ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया में बारिश का अलर्ट जारी किया है। सागर संभाग के जिलों में भी चेतावनी दी गई है। वही छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह में बारिश-आंधी के आसार बन रहे है। अनुमान है कि 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है। इसके अलावा कई इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 3 अप्रैल तक 2 सिस्टम एक्टिव रहेंगे। साथ ही मौसम विभाग ने बिजली गिरने का भी खतरा बताया है।


