Vidisha Sansad Khel Mahotsav: विदिशा सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में 2 फरवरी को केन्द्रीय मंत्री Shivraj Singh Chauhan और भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर Ravindra Jadeja कार्यक्रम में शामिल होकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएंगे। विश्व विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रविन्द्र जडेजा सांसद खेल महोत्सव में शामिल होने के लिए सोमवार को भोपाल पहुंचेंगे।
2 फरवरी को रायसेन में सांसद खेल महोत्सव का भव्य समापन
भोपाल आगमन के बाद जडेजा केन्द्रीय कृषि मंत्री एवं विदिशा सांसद Shivraj Singh Chauhan के निवास पर उनसे शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके बाद Ravindra Jadeja दोपहर करीब 2 बजे भोपाल से रायसेन के लिए रवाना होंगे, जहां वो सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर जडेजा खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे उन्हें संबोधित करेंगे और विजेता टीमों और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित भी करेंगे। इस भव्य समापन समारोह में केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और रविन्द्र जडेजा के साथ साथ विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री प्रल्हाद पटेल और विश्वास सारंग सहित विदिशा लोकसभा क्षेत्र के सभी विधायकगण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
फाइनल में भिड़ेंगी क्रिकेट-कबड्डी की टीमें
Vidisha Sansad Khel Mahotsav सांसद खेल महोत्सव के तहत रविवार 1 फरवरी को क्रिकेट और कबड्डी प्रतियोगिताओं में महिला और पुरुष वर्ग की 8-8 धाकड़ टीमों के बीच जोरदार मुकाबले देखने को मिले। रविवार को दोनों खेलों में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबले खेले गए। टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी, जिससे मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। अब क्रिकेट महिला और पुरुष वर्ग। साथ ही कबड्डी महिला और पुरुष वर्ग की विजेता टीमों के बीच फाइनल मुकाबले सोमवार 2 फरवरी को रायसेन खेल मैदान में खेले जाएंगे। फाइनल मैचों को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रेमियों में भी खासा उत्साह है।
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100 दिन चला खेलों का महाकुंभ
Vidisha Sansad Khel Mahotsav सांसद खेल महोत्सव-2025 खेलों के महाकुंभ में उत्साह, आनंद और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। 8 विधानसभा, 965 ग्राम पंचायतों, 19 नगर पालिकाओं और 48 मंडलों को एक सूत्र में पिरोते हुए यह आयोजन पूरे क्षेत्र में खेल चेतना का प्रतीक बनकर उभरा। करीब 100 दिनों तक चले इस महासंग्राम में 80 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया और क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो, रस्साकशी सहित 10 अलग-अलग खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाया। इस महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां खेल केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहा। माँ-बेटी ने एक साथ मैदान में उतरकर मिसाल कायम की, सास-बहू ने टीम बनाकर जीत दर्ज की, वहीं बुजुर्गों ने कुर्सी दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर यह साबित कर दिया कि उम्र महज़ एक संख्या है।


