गेहूं की फसल तैयार होने के बाद सबसे बड़ी चिंता उसे सुरक्षित रखने की होती है. अगर सही तरीके से स्टोर नहीं किया जाए, तो कीड़े लगना, नमी बढ़ना और अनाज खराब होना आम बात है. खास बात यह है कि बिना किसी केमिकल के भी गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. किसान पारंपरिक और आसान तरीकों का इस्तेमाल करके अपने अनाज की गुणवत्ता बनाए रख सकते हैं.
कैसे अच्छे से रखें गेहूं
सबसे पहले यह जरूरी है कि गेहूं को स्टोर करने से पहले अच्छी तरह सुखाया जाए. अगर अनाज में नमी ज्यादा होगी, तो उसमें फफूंदी और कीड़े लगने का खतरा बढ़ जाता है.
सुरक्षित भंडारण के लिए नमी का स्तर कम रखना बेहद जरूरी होता है. गेहूं को रखने से पहले उसकी सफाई भी बहुत जरूरी होती है.
उसमें मौजूद कचरा, धूल या खराब दाने अलग कर देने चाहिए. इससे कीड़ों के पनपने की संभावना काफी कम हो जाती है.
भंडारण के लिए सही जगह का चुनाव करना भी जरूरी है. ऐसी जगह चुनें जहां नमी कम हो और हवा का आवागमन बना रहे. ज्यादा गर्म और नम जगह पर रखा गेहूं जल्दी खराब हो सकता है.
पारंपरिक तरीकों में नीम की सूखी पत्तियां डालना काफी प्रभावी माना जाता है. यह प्राकृतिक तरीके से कीड़ों को दूर रखने में मदद करता है और अनाज को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है.
गेहूं को एयरटाइट कंटेनर या ड्रम में रखना भी एक अच्छा तरीका है. इससे नमी और कीड़े अंदर नहीं पहुंच पाते और अनाज सुरक्षित रहता है.
अगर बोरी में गेहूं स्टोर कर रहे हैं, तो उन्हें जमीन से थोड़ा ऊपर लकड़ी के तख्त पर रखना चाहिए. साथ ही दीवार से भी थोड़ी दूरी बनाए रखें, ताकि हवा का प्रवाह बना रहे और नमी का असर न पड़े.
समय-समय पर गेहूं की जांच करते रहना भी जरूरी है. अगर कहीं नमी या कीड़े दिखें, तो तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पूरा स्टॉक खराब न हो.
कुछ किसान पारंपरिक तरीकों जैसे मिट्टी के बर्तन या बंद डिब्बों का भी इस्तेमाल करते हैं.
इन तरीकों में ऑक्सीजन कम हो जाती है, जिससे कीड़ों का विकास रुक जाता है और अनाज सुरक्षित रहता है.
गेहूं को धूप में सुखाकर स्टोर करना एक आसान और प्रभावी तरीका है. धूप में सुखाने से नमी कम हो जाती है और कीटों का खतरा घटता है.
गेहूं को सही तरीके से सुखाना, साफ रखना और सही जगह पर स्टोर करना सबसे जरूरी कदम हैं. इन आसान उपायों को अपनाकर बिना किसी केमिकल के भी गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
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