फरीदाबाद/खबर डिजिटल/ लिंग्यास विद्यापीठ, फरीदाबाद में 7 और 8 नवम्बर 2025 को “सिम्फनी ऑफ़ माइंडस: ब्लेंडिंग आइडियाज फ्रॉम एजुकेशन,हयुमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज” दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन स्कूल ऑफ़ एजुकेशन तथा स्कूल ऑफ हयुमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज तथा एक्रेम कैबेज यूनिवर्सिटी अल्बानिया के सहयोग से आयोजित किया गया। इसमें देश विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और मीडिया पेशेवरों ने भाग लेकर शिक्षा, मानविकी और सामाजिक विज्ञानों के समन्वय की भूमिका पर विचार विमर्श किया। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का आयोजन 7 नवम्बर 2025 को किया गया।
ये रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की प्रोफेसर डॉ भारती शर्मा मुख्य अतिथि एवं कीनोट रहीं, उन्होंने आधुनिक युग में शिक्षा और मानविकी के बीच विकसित होते संबंधों पर अपने विचार साझा किए, सह कीनोट स्पीकर के रूप में एक्रेम काबेजयूनिवर्सिटी, अल्बानिया की प्रोफेसर मेरीटा इसाराज, हेड ऑफ इंटरनेशनल कोआर्डिनेशन प्रोजेक्ट्स एंड साइंटिफिक रिसर्च यूनिट, ने उच्च शिक्षा में वैश्विक सहयोग के महत्व पर बल दिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री कृष्ण तिवारी (संस्थापक, संपादक- ज़ूम देल्ही), सुश्री मानसी अरोड़ा (निदेशक संचार न्यूज़), सुश्री अनीता अब्बी (निदेशक क्यूएआई यूके), डॉ उचित कपूर (रिजनल डायरेक्टर, अर्थकल्प), श्री शेख शकील( संस्थापक सम्पादक तेज न्यूज़), श्री मनीष के सिन्हा (एडिटर इन चीफ आफ्टर ब्रेक न्यूज़ पेपर) और श्री शबीर खान (संस्थापक संपादक) उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के संरक्षक डॉ एम के सोनी, कुलपति डॉ पी के गुप्ता, प्रो वाईस चांसलर डॉ आर चीनियन, मुख्य परिचालन अधिकारी श्री प्रेम कुमार सलवान तथा मानविकी संकाय की डीन डॉ विदुषी भारद्वाज शर्मा ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढाई। डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तवा ने सम्मेलन की रुपरेखा प्रस्तुत की और उद्घाटन सत्र का समापन डॉ विदुषी भारद्वाज शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
तकनीकी सत्र और शोध प्रस्तुतियां
सम्मेलन के दूसरे दिन, 8 नवम्बर को, विभिन्न विभागों में कुल पांच तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, दो दिनों में सौ से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमे लगभग दस प्रतिशत अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्र विदेशों से आये प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत किए गए। सत्रों की अध्यक्षता प्रतिष्टित शिक्षाविदों ने की. फैशन डिज़ाइन विभाग में डॉ नीमा पपनी (यूनिवर्सिटी ऑफ़ इलाहाबाद) एवं नीतू मल्होत्रा (सत्यम फैशन इंस्टिट्यूट नॉएडा), पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में प्रोफेसर डॉ नीरज खत्री (आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी देहरादून), शिक्षा विभाग मेंडॉ प्रवेश लता(जीडी गोयनका यूनिवर्सिटी) एवं डॉ सोनम बंसल (गुरुग्राम विश्वविद्यालय) मनोविज्ञान विभाग में डॉ गौरीशंकर कलोईया (क्लिनिकल साइकोलॉजी विशेषज्ञ) थे. सम्मेलन के समापन सत्र की अध्यक्षता लिंग्यास विद्यापीठ के मुख्य परिचालन अधिकारी श्री प्रेम कुमार सालवान ने किया. उन्होंने आयोजन समिति एवं प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहन करते हुए कहा कि यह सम्मेलन शिक्षा की दिशा में प्रेरणादायक पहल है। इस दौरान शोधार्थियों को सर्टिफिकेट भी वितरित किया गया। सम्मेलन की विस्तृत रिपोर्ट डॉ स्निग्धा सेन (मनोविज्ञान विभाग) द्वारा प्रस्तुत किया गया। जिसके पश्चात् प्रोफेसर डॉ कपिल किशोर, सम्मेलन संयोजक व फैशन डिजाइन विभागाध्यक्ष ने धन्यवाद ज्ञापन दिया, समापन सत्र का सञ्चालन सुश्री नेहा ने किया।


