उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बड़ी संख्या में जोड़े अब भी शादी का इंतजार कर रहे हैं. सरकारी स्तर पर चलाई जा रही इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में मदद करना है, लेकिन यहां सैकड़ों आवेदन लंबित पड़े हुए हैं, जिससे लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जानकारी के मुताबिक, जिले में करीब 1784 जोड़ों ने इस योजना के तहत आवेदन किया था. इन सभी को उम्मीद थी कि उन्हें सरकार की ओर से तय तारीख पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा. लेकिन लंबे समय से प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण ये सभी जोड़े अब तक इंतजार कर रहे हैं. वे अब भी कुंवारे हैं और शादी करने का इंतजार कर रहे हैं.
शादी का इंतजार कर रहे कुंवारे
इस योजना के तहत सरकार जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता देती है और सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित कराकर शादी की व्यवस्था भी करती है. इसका मकसद यह है कि गरीब परिवारों पर शादी का ज्यादा आर्थिक बोझ न पड़े और बेटियों की शादी सम्मान के साथ हो सके. हालांकि गाजीपुर में आवेदन तो बड़ी संख्या में हुए, लेकिन उनके निपटारे में देरी हो रही है. प्रशासनिक स्तर पर फाइलें आगे नहीं बढ़ पाने या प्रक्रिया में धीमापन इसकी एक बड़ी वजह मानी जा रही है. इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है जो इस योजना का लाभ लेने के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. कई परिवारों का कहना है कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन फिर भी उन्हें अभी तक कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिल पाई है कि उनकी शादी कब कराई जाएगी. इस वजह से उनके सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
इस देरी का असर सिर्फ प्रशासनिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लोगों की व्यक्तिगत जिंदगी पर भी पड़ रहा है. जिन जोड़ों की शादी तय हो चुकी है, वे आगे की योजना नहीं बना पा रहे हैं. परिवार भी इसी इंतजार में हैं कि सरकार की ओर से कब तारीख तय की जाएगी. अधिकारियों की मानें तो प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है और लंबित आवेदनों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा. हालांकि अभी तक कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है, जिससे लोगों की चिंता बनी हुई है.
यह भी पढ़ें- इस देश में टॉयलेट सीट की होती है पूजा, जानें हैरान कर देने वाली कहानी


