1 अप्रैल से मध्य प्रदेश में आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ने वाला है. नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ कई जरूरी चीजें महंगी होने जा रही हैं. इसका असर हर घर के बजट पर साफ दिखाई देगा, क्योंकि खाने-पीने से लेकर पहनने और रोज इस्तेमाल की चीजों तक के दाम बढ़ने वाले हैं. बसे ज्यादा असर एफएमसीजी प्रोडक्ट्स पर देखने को मिलेगा. कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है. इसमें खास तौर पर बिस्किट, नमकीन और अन्य पैक्ड फूड शामिल हैं. इन प्रोडक्ट्स की कीमतों में करीब 5 से 10 प्रतिशत तक का इजाफा किया जा सकता है. यानी जो चीजें पहले सस्ती लगती थीं, अब उनके लिए ज्यादा पैसे देने होंगे.
जुते और चप्पल होंगे महंगे
इसके अलावा जूते-चप्पल भी महंगे होने वाले हैं. फुटवियर इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कंपनियों को दाम बढ़ाने पड़े हैं. इसका सीधा असर बाजार में बिकने वाले जूतों और चप्पलों पर पड़ेगा. आम ग्राहकों को अब इन पर पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा. रोजमर्रा के इस्तेमाल की दूसरी चीजें जैसे साबुन, तेल, शैंपू और अन्य घरेलू उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं. कंपनियों का कहना है कि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, जिसकी वजह से कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया है. इस बढ़ोतरी के पीछे एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है. तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग लागत बढ़ जाती है, जिसका असर सीधे प्रोडक्ट्स की कीमतों पर पड़ता है. इसके अलावा वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव और सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों ने भी लागत को बढ़ाया है.
व्यापारियों का कहना है कि कंपनियों ने पहले ही नए रेट लागू करने की तैयारी कर ली है. 1 अप्रैल से नए स्टॉक के साथ बाजार में बढ़ी हुई कीमतें लागू हो जाएंगी. ऐसे में दुकानों पर मिलने वाले कई प्रोडक्ट्स के दाम पहले से ज्यादा हो जाएंगे. इसका असर सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग और आम लोगों पर पड़ेगा. जो लोग पहले ही महंगाई से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह बढ़ोतरी और परेशानी बढ़ा सकती है. रोजाना इस्तेमाल की चीजें महंगी होने से घर का बजट बिगड़ सकता है.
रॉ मटेरियल महंगा होने से फिनिश गुड्स पर असर
- प्लास्टिक दाना पहले 80 से 90 रुपये प्रति किलो था, अब बढ़कर 170 से 180 रुपये प्रति किलो हो गया है.
- अमोनिया क्लोराइड पहले 18 रुपये प्रति किलो मिलता था, अब इसकी कीमत 45 रुपये प्रति किलो हो गई है.
- कास्टिक सोडा पहले 50 रुपये प्रति किलो था, अब 59 रुपये प्रति किलो हो गया है.
- सोडा ऐश की कीमत 24 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 30 रुपये प्रति किलो हो गई है.
- एस्सिटोल पहले 90 पैसे प्रति लीटर था, अब 3 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
- मेथनॉल की कीमत 35 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो हो गई है.
- एसबीएस स्लरी पहले 90 रुपये प्रति किलो थी, अब सीधा 300 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है.
- डीओपी पहले 110 रुपये प्रति किलो था, अब 180 रुपये प्रति किलो हो गया है.
- पीयू पहले 150 रुपये प्रति किलो था, अब 200 रुपये प्रति किलो हो गया है.
- फोमिंग एजेंट की कीमत 260 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 310 रुपये प्रति किलो हो गई है.
- आईसीपी पहले 100 रुपये प्रति किलो था, अब 160 रुपये प्रति किलो हो गया है.
- एसीटोन की कीमत 70 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 125 रुपये प्रति किलो हो गई है.
- डीओएस पहले 35 रुपये प्रति किलो था, अब 72 रुपये प्रति किलो हो गया है.
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