देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है. 19 मई से पेट्रोल 95 पैसे प्रति लीटर और डीजल 93 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है. इससे पहले 15 मई को भी ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे, जब पेट्रोल की कीमत में 3.27 रुपये और डीजल में 3.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी. लगातार दूसरी बार हुई इस वृद्धि का असर आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है.
फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में अब पेट्रोल की कीमत 110.76 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 95.95 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. तीन दिन पहले तक यहां पेट्रोल 109.81 रुपये और डीजल 95.02 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था. कम समय में लगातार बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है. तेल कंपनियों ने एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार दाम बढ़ाए हैं. इससे पहले शुक्रवार को भी देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया था. लगातार हो रही इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को मुख्य वजह माना जा रहा है. पश्चिमी एशिया में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है. खासतौर पर अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं.
कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं
हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत की खबरें भी सामने आ रही हैं, लेकिन फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम लगातार ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था. दुनिया के कई देशों में पहले ही ईंधन के दाम बढ़ाए जा चुके थे, लेकिन भारत में लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखा गया. इससे सरकारी तेल कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा था. अब कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए कंपनियां अपने घाटे को कुछ हद तक कम करने की कोशिश कर रही हैं.
यह भी पढ़ें-हर महीने 5000 तक पेंशन! जानिए Atal Pension Yojana की पूरी डिटेल, कौन और कैसे कर सकते हैं अपलाई
यह भी पढ़ें-MP में किसानों की बल्ले-बल्ले! भू-अर्जन संशोधन से यूं मिलेगा बंपर फायदा
यह भी पढ़ें-इस देश में टॉयलेट सीट की होती है पूजा, जानें हैरान कर देने वाली कहानी
यह भी पढें-New COVID Variant BA.3.2 Cicada: फिर कोरोना की एंट्री, जानें लक्षण और बचाव के तरीके


