90% से अधिक पौधों की सफलता दर, 12 राज्यों में 30 लाख पेड़ पहले ही लगाए जा चुके हैं
हैदराबाद: विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर फॉरेस्ट्स बाय हार्टफुलनेस (FBH) ने 2030 तक 3 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प दोहराया है। इस मुहिम का मकसद न केवल पर्यावरण को संजीवनी देना है, बल्कि आध्यात्मिक जुड़ाव के साथ प्रकृति को पुनर्जीवित करना भी है।
FBH की यह योजना वैज्ञानिक विधियों, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे भावनात्मक जुड़ाव से संचालित है। संस्था का दावा है कि अब तक लगाए गए पेड़ों में 90% से ज्यादा जीवित हैं — जो सतत वृक्षारोपण में एक मिसाल है।
🌳 पेड़ों के साथ जुड़ी संवेदना और विज्ञान
इस अभियान के तहत हर पेड़ एक माँ को समर्पित होगा। पहला पौधा खुद उपमुख्यमंत्री द्वारा हार्टफुलनेस के आध्यात्मिक गुरु दाजी की माँ ‘बा’ के नाम पर लगाया जाएगा। वर्ष 2025-26 के लिए FBH 650 हेक्टेयर में 3.5 लाख नए पेड़ लगाएगा।
संगठन ने बताया कि भारत में 2000 से अब तक 5.6% हरित क्षेत्र खो चुका है, जिससे जलवायु संकट और बंजर ज़मीन बढ़ी है। ऐसे में FBH का ‘रीजनरेटिव फॉरेस्ट मॉडल’ न केवल पेड़ लगाता है, बल्कि संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करता है।
🔍 FBH की अब तक की उपलब्धियाँ:
- ✅ 12 राज्यों में 10,000+ एकड़ ज़मीन पर 30 लाख पेड़
- ✅ 80 से अधिक दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण
- ✅ 20 नर्सरियों में 60 लाख पौधे
- ✅ 35 झीलों का पुनर्जीवन, 77 करोड़ लीटर जल संग्रह क्षमता
- ✅ 1200 से ज्यादा परिपक्व पेड़ों का सफल पुन:स्थापन
📍 मध्य प्रदेश और गुजरात में बड़े प्रोजेक्ट
मप्र के रतलाम और मैहर में FBH की परियोजनाएँ बंजर ज़मीन को हरियाली में बदल रही हैं। वहीं गुजरात के तरंगा हिल्स में एक बड़ा वनरोपण प्रोजेक्ट चल रहा है, जहाँ 6 करोड़ लीटर जल संरक्षित करने वाले 715 रेन गन लगाए गए हैं — जो विश्व की सबसे बड़ी व्यवस्था मानी जा रही है।
यह क्षेत्र बेहद शुष्क है और यहाँ 1.5 लाख चंदन सहित 6.25 लाख पेड़ लगाए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से 10,000 से अधिक नौकरियों के सृजन की भी उम्मीद है।
🧠 आध्यात्मिक पारिस्थितिकी की अवधारणा
FBH पारंपरिक वृक्षारोपण से हटकर नेचुरल फॉरेस्ट सक्सेशन पर काम करता है, जिसमें मिट्टी की ऊपरी परत को हटाने के बजाय उसका पोषण किया जाता है। जैविक खाद, नीम केक, माइक्रोबियल एक्टिवेटर और लोकज्ञान आधारित तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
🤝 FBH का आह्वान
जैसे-जैसे दुनिया संयुक्त राष्ट्र पारिस्थितिकी बहाली दशक (2021–2030) के दूसरे चरण में प्रवेश कर रही है, FBH भारत के हरित परिवर्तन की गति तेज करने के लिए CSR भागीदारों, सरकारों और आम लोगों को जुड़ने का निमंत्रण दे रहा है।
👉 FBH का मानना है – “एक हरा भविष्य, एक जंगल के साथ शुरू होता है।”


