भोपाल : स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने और भविष्य की तकनीकों को आकार देने के उद्देश्य से वीआईटी (VIT) भोपाल विश्वविद्यालय ने अमेरिका की प्रतिष्ठित जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी (JHU) के सहयोग से दो दिवसीय ‘हेल्थ-हैक 2026’ का भव्य शुभारंभ किया। 11 और 12 फरवरी को आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में भारत और विदेशों के शीर्ष नवाचारकर्ता, शोधकर्ता और शिक्षाविद एक मंच पर जुटे हैं।
वैश्विक विशेषज्ञों का मार्गदर्शन कार्यक्रम का उद्घाटन वीआईटी के चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन के मार्गदर्शन में हुआ। मुख्य वक्ता के रूप में जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के डॉ. यूसुफ यज़दी (कार्यकारी निदेशक, CBID) और डॉ. हेदी अलवाई ने वैश्विक स्तर पर सुलभ और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तकनीकी नवाचार की अनिवार्यता पर जोर दिया। प्रो वाइस चांसलर टी. बी. श्रीधरन ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि यह आयोजन अकादमिक और उद्योग जगत के बीच की दूरी को पाटकर सार्थक समाधान निकालने का एक सशक्त माध्यम है।
नवाचार की कड़ी चुनौती: 527 टीमों में से हुआ चयन हेल्थ-हैक 2026 के प्रति युवाओं का उत्साह देखते ही बनता है:
- प्रारंभिक चरण: जनवरी 2026 में आयोजित मूल्यांकन में आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), और मेडिकल कॉलेजों की 527 टीमों (2635 प्रतिभागी) ने हिस्सा लिया।
- मुख्य आयोजन: कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद 231 टीमों (1160 प्रतिभागी) ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, जो टेलीमेडिसिन, मानसिक स्वास्थ्य और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं पर अपने प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत कर रहे हैं।
- प्रमुख अतिथि: कार्यक्रम में ओम्नीएक्टिव्स के चीफ इनोवेशन ऑफिसर डॉ. अरुण बालकृष्णन और मध्य प्रदेश के तकनीकी शिक्षा संचालक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने भी अपने विचार साझा किए।
भविष्य की स्वास्थ्य तकनीक का केंद्र हेल्थ-हैक 2026 के दौरान आयोजित वर्कशॉप और तकनीकी सत्रों का उद्देश्य केवल विचार साझा करना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक समाधानों में बदलना है। संयोजक डॉ. सिद्धार्थ मैती के अनुसार, यह आयोजन वीआईटी भोपाल की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जहाँ तकनीक का उपयोग मानव कल्याण और वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए किया जा रहा है।


