डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडौरी जिले के समनापुर में शासन की सहायता राशि हड़पने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने छह महीने से फरार चल रहे डाटा एंट्री ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने एक महिला की सामान्य मृत्यु को दुर्घटना बताकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे 4 लाख रुपये से अधिक की राशि अपने खाते में डाल ली थी।
यह मामला तब सामने आया जब 19 नवंबर 2025 को जनपद पंचायत समनापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार नारनौर ने थाना समनापुर में लिखित शिकायत दी। शिकायत में बताया गया कि श्रम शाखा में काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटर मुकेश कुमार मालवीय ने शासकीय योजना का गलत फायदा उठाया है।
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जांच में पता चला कि आरोपी ने ग्राम ढाबा की निवासी हिरींदा बाई की सामान्य मृत्यु को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दुर्घटना में हुई मृत्यु दिखा दिया। इसके लिए उसने शासन के पोर्टल पर झूठे कागज अपलोड कर दिए।
इस धोखाधड़ी से हितग्राही इतवारी सिंह उर्फ एंतरासिंह बैगा को मिलने वाली सहायता राशि आरोपी के निजी बैंक खाते में चली गई।
अंत्येष्टि सहायता राशि: 6,000 रुपये, अनुग्रह सहायता राशि, 4,00,000 रुपये कुल गबन 4,06,000 रुपये
शिकायत मिलते ही थाना समनापुर में अपराध क्रमांक 382/2025 के तहत धारा 420 धोखाधड़ी और धारा 409 गबन का मामला दर्ज किया गया। मामला गंभीर होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।
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गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी मुकेश कुमार मालवीय लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पिछले छह महीने से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने लगातार तलाश जारी रखी।
अंत में 22 अप्रैल 2026 को पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से न्यायिक हिरासत में जिला जेल डिण्डौरी भेज दिया गया।
इस पूरे मामले के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई।SDOP बजाग विवेक कुमार गौतम,थाना प्रभारी समनापुर निरीक्षक हरिशंकर तिवारी, उप निरीक्षक पारस यादव, प्रधान आरक्षक राम रतन मार्को, और सियाराम मरकाम की मुख्य भूमिका रही। यह घटना दिखाती है कि शासकीय योजनाओं में जमीनी स्तर पर किस तरह गड़बड़ी की जा सकती है। फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से गरीब हितग्राहियों के हक का पैसा हड़पना एक गंभीर अपराध है। पुलिस की तत्परता से आरोपी अब सलाखों के पीछे है।


