मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी बुधवार को रतलाम एसपी कार्यालय में धरने पर बैठ गए. कभी प्रदेश की कानून व्यवस्था संभालने वाले नेता को खुद पुलिस से न्याय मांगते देख वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए. मामला उनके करीबी मित्र और मीसाबंदी बसंत पुरोहित के खाली प्लॉट पर कथित अवैध कब्जे से जुड़ा है. लगातार शिकायतों और थाने के चक्कर लगाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से कोठारी नाराज हो गए.
पूर्व गृहमंत्री ने ये क्या कर दिया
बताया गया कि दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र स्थित प्लॉट पर कब्जे को लेकर कई बार आवेदन दिया गया था. शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि उनके पास जमीन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, जबकि कब्जा करने वाले पक्ष के पास कोई वैध कागज नहीं है. इसके बावजूद पुलिस मामले को सिविल विवाद बताकर कार्रवाई से बच रही थी. इसी बात से नाराज होकर पूर्व गृहमंत्री सीधे एसपी कार्यालय पहुंच गए और एसपी के चेंबर के बाहर जमीन पर बैठकर विरोध जताने लगे.
बीजेपी से नाराज हुए हिम्मत कोठारी
करीब पांच दिन पहले भी हिम्मत कोठारी ने इस मामले को लेकर एसपी अमित कुमार से मुलाकात की थी. लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने दोबारा एसपी ऑफिस पहुंचकर विरोध दर्ज कराया. उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी एसपी के निर्देशों का भी पालन नहीं कर रहा है. धरने की सूचना मिलते ही एसपी अमित कुमार खुद बाहर आए और कोठारी को अपने कार्यालय में ले गए. इसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए. एसपी ने दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव को भी तत्काल कार्यालय बुलाकर नाराजगी जताई और मामले में लापरवाही पर कार्रवाई की बात कही.
हिम्मत कोठारी ने क्या कहा
मीडिया से बातचीत में हिम्मत कोठारी ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि आम जनता के साथ भी ऐसा हो रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह आमरण अनशन पर बैठ सकते हैं. उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्टी के कई नेता अब जनता की समस्याएं न सुनते हैं और न ही देखने को तैयार हैं. एसपी अमित कुमार ने बताया कि शिकायतकर्ता शरद पुरोहित की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. साथ ही थाना प्रभारी की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है. पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि आम लोगों की शिकायतों पर समय पर और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इसी के साथ भूमि विवादों के त्वरित समाधान के लिए अगले सात दिनों तक एसपी कार्यालय में विशेष शिविर लगाने का फैसला भी लिया गया है. जिले के लोग अपनी जमीन से जुड़े विवाद और दस्तावेज लेकर यहां शिकायत दर्ज करा सकेंगे.
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