Fish Farming: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में ग्रामीण इलाकों में मत्स्य पालन अब तेजी से लोगों की आय का प्रमुख साधन बनता जा रहा है. किसानों और मछुआरों की बढ़ती रुचि को देखते हुए सरकार भी इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए नई योजनाएं लागू कर रही है. इसी दिशा में अब मछुआ किसान क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की जा रही है, जिसका उद्देश्य मत्स्यपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.
क्रेडिट कार्ड से मिलेगा लोन
मत्स्य निरीक्षक मयंक मिश्रा के अनुसार, इस योजना का मकसद मछुआरों, तालाब और जलाशयों के पट्टाधारकों, समितियों, समूहों और व्यक्तिगत हितग्राहियों को समय पर अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराना है. यह पहल कृषि कल्याण वर्ष 2026 के तहत लाई गई है, जिसमें मत्स्य पालन को विशेष प्राथमिकता दी गई है. योजना के अंतर्गत पात्र लोगों को सहकारी बैंकों के जरिए ऋण दिया जाएगा.
मछली पालन आराम से खरीद सकेंगे चीजें
इस योजना में ब्याज पर अनुदान भी दिया जाएगा, जिससे लाभार्थियों पर आर्थिक दबाव कम होगा. इस सहायता से मछली पालन से जुड़े लोग मछली बीज, चारा, नाव, जाल और जरूरी उपकरण आसानी से खरीद सकेंगे. पात्रता की बात करें तो इस योजना का लाभ उन लोगों को मिलेगा जो पहले से मत्स्य पालन कर रहे हैं या इस क्षेत्र में काम करना चाहते हैं. इसमें व्यक्तिगत मछुआरे, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियां और तालाब या जलाशय के वैध पट्टाधारक शामिल हैं. ग्रामीण क्षेत्र के किसान भी इसमें आवेदन कर सकते हैं.
आवेदन के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं. इसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति और तालाब या जलाशय के पट्टे से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं. इच्छुक लोग इन दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र भरकर सहायक संचालक मत्स्योद्योग कार्यालय, वीथिका परिसर, कलेक्ट्रेट के सामने, सीधी में जमा कर सकते हैं.
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