मध्यप्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों से इस समय एक अहम खबर सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द ही राज्यमंत्रियों की भूमिका को और मजबूत करने की तैयारी में है. पिछले दो दिनों में मंत्रियों के साथ हुई वन-टू-वन बैठकों के दौरान उनके कामकाज, विभागीय प्रदर्शन और संगठनात्मक समन्वय की समीक्षा की गई. इसी बैठक में राज्यमंत्रियों को अतिरिक्त अधिकार देने को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई है.
विभागों के बढ़ेंगे पावर
सूत्रों के अनुसार जिन विभागों में कैबिनेट मंत्री के साथ राज्यमंत्री नियुक्त हैं, वहां अब राज्यमंत्रियों को पहले से ज्यादा जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं. सरकार का उद्देश्य विभागीय कामकाज में तेजी लाना और जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा करना बताया जा रहा है. इसके तहत कुछ महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विभागीय फैसलों में भी राज्यमंत्रियों की भागीदारी बढ़ाई जा सकती है. जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह को अतिरिक्त अधिकार मिलने की संभावना जताई जा रही है. माना जा रहा है कि इन नेताओं को विभागीय स्तर पर अधिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने की भूमिका दी जा सकती है. यदि ऐसा होता है तो सरकार में उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक ताकत पहले की तुलना में काफी बढ़ जाएगी.
अधिकांश राज्यमंत्रियों की भूमिका अभी तक थी सीमित
अब तक अधिकांश राज्यमंत्रियों की भूमिका सीमित मानी जाती रही है. उन्हें विभागों में केवल कुछ चुनिंदा कार्यों की जिम्मेदारी दी गई थी. कई मामलों में उनका काम केवल समन्वय और छोटे प्रशासनिक निर्णयों तक सीमित था. कुछ राज्यमंत्रियों को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादलों जैसे अधिकार जरूर मिले हुए थे, लेकिन बड़े फैसलों में उनकी भूमिका सीमित रहती थी. सरकार अब इस व्यवस्था में बदलाव करने के संकेत दे रही है. माना जा रहा है कि नए अधिकार मिलने के बाद राज्यमंत्री विभागीय कार्यों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगे. इससे प्रशासनिक कामकाज में तेजी आने के साथ-साथ मंत्रियों पर काम का दबाव भी कम हो सकता है.
राजनीतिक जानकारों ने क्या कहा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार का यह कदम संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. साथ ही इससे उन नेताओं को भी ज्यादा अवसर मिलेगा जो लंबे समय से संगठन और सरकार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. फिलहाल सरकार की ओर से अधिकार बढ़ाने को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है.
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