मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. पहले जहां खरीद प्रक्रिया मार्च में शुरू होने वाली थी, अब इसे आगे बढ़ाकर 10 अप्रैल से शुरू करने का निर्णय लिया गया है. यह बदलाव किसानों और प्रशासन दोनों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है. जानकारी के मुताबिक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गेहूं की खरीदी अलग-अलग तारीखों से शुरू होगी. इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी, जबकि बाकी क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी. यह फैसला कैबिनेट कमेटी की बैठक में लिया गया है, जहां इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई.
कब होगी गेहूं की खरीदी
असल में सरकार पहले 16 मार्च से गेहूं खरीद शुरू करना चाहती थी, लेकिन तैयारियों में देरी के कारण तारीख को पहले 1 अप्रैल तक बढ़ाया गया. इसके बाद एक बार फिर स्थिति को देखते हुए इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया. इस साल यह तीसरी बार है जब गेहूं खरीदी की तारीख बदली गई है. इस फैसले के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं. सबसे बड़ी समस्या भंडारण से जुड़ी है. रिपोर्ट्स के अनुसार राज्य में पर्याप्त मात्रा में बोरियां और स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है. सिलो बैग बनाने के लिए जरूरी कच्चे माल की कमी भी सामने आई है, जिससे खरीदे गए गेहूं को सुरक्षित रखने में परेशानी हो सकती है.
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय हालात का असर भी इस फैसले पर पड़ा है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर पड़ा है. सरकार ने इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लिया. इस बार राज्य में गेहूं का उत्पादन अच्छा होने की उम्मीद जताई जा रही है. बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंचेंगे. ऐसे में अगर समय पर व्यवस्थाएं पूरी नहीं हुईं तो अव्यवस्था फैल सकती है. इसी कारण सरकार पहले से ही सतर्क कदम उठाना चाहती है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
विपक्ष ने उठाए ये सवाल
हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है. विपक्ष ने सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि एक तरफ किसान अपनी मेहनत से उगाई फसल को खुले में रखने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ खरीदी की तारीख बार-बार बढ़ाई जा रही है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है. सरकार की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं. इसमें मंडियों में व्यवस्था, परिवहन, भंडारण और भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया को सुचारु बनाना शामिल है.
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