मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छोटे बच्चे के बोरवेल में गिरने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. यह हादसा बड़नगर तहसील के झालरिया गांव में गुरुवार शाम को हुआ. करीब ढाई से तीन साल का मासूम खेलते-खेलते अचानक खुले बोरवेल में गिर गया. घटना के तुरंत बाद गांव के लोगों में हड़कंप मच गया और बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कर दिया गया.
बोरबेल में गिरा बच्चा
मिली जानकारी के अनुसार, यह गांव उज्जैन से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित है. जैसे ही घटना की सूचना प्रशासन को मिली, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए. अनुविभागीय पुलिस अधिकारी महेन्द्र सिंह परमार ने बताया कि शाम करीब 7 से 7.30 बजे के बीच इस घटना की जानकारी मिली थी. इसके बाद तुरंत पुलिस टीम को रवाना किया गया. कुछ ही देर में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल यानी SDRF की टीम भी वहां पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. बताया जा रहा है कि बच्चा करीब 60 फीट गहराई में जाकर फंस गया है. बोरवेल नीचे की ओर और ज्यादा संकरा हो जाता है, जिससे बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है. इसके अलावा नीचे पानी होने की वजह से स्थिति और गंभीर बनी हुई है. राहत की बात यह है कि बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप डाला गया है, ताकि उसे सांस लेने में कोई दिक्कत न हो. साथ ही कैमरे की मदद से लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.
खेत में खेल रहा था बच्चा
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, घटना के समय बच्चा अपने परिवार के पास ही खेत में खेल रहा था. उसके पिता और अन्य परिजन थोड़ी दूरी पर भेड़ों की देखरेख में लगे हुए थे. इसी दौरान अचानक बच्चा वहां मौजूद खुले बोरवेल में गिर गया. जैसे ही यह बात परिवार को पता चली, उन्होंने शोर मचाया और आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए. बच्चे की पहचान भागीरथ के रूप में हुई है, जो प्रवीण देवासी का बेटा है. प्रवीण मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले के गुडानला गांव के रहने वाले हैं. वे अपने परिवार के साथ महज तीन दिन पहले ही उज्जैन के इस इलाके में भेड़ चराने आए थे. उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाएगी.
रेस्कयू ऑपरेशन जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा भी मौके पर पहुंच गए हैं. प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. मौके पर जेसीबी और पोकलेन मशीनें भी लगाई गई हैं, ताकि वैकल्पिक रास्ता बनाकर बच्चे तक पहुंचा जा सके. थाना प्रभारी अशोक पाटीदार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन तेजी से जारी है और पूरी टीम पूरी कोशिश कर रही है कि बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला जाए. पूरे गांव की नजर इस बचाव अभियान पर टिकी हुई है और सभी लोग बच्चे के सकुशल बाहर आने की दुआ कर रहे हैं.
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