भारतीय रेलवे ने हाल ही में ट्रेन टिकट कैंसिलेशन से जुड़े नियमों में बदलाव किया है, जिससे यात्रियों के लिए रिफंड और चार्ज का तरीका पहले से अलग हो गया है. इन नए नियमों का मकसद टिकट बुकिंग सिस्टम को बेहतर बनाना और आखिरी समय पर होने वाली कैंसिलेशन को कम करना है. अब यात्रियों को टिकट रद्द करते समय समय का खास ध्यान रखना होगा, क्योंकि जितनी देर से टिकट कैंसिल करेंगे, उतना ज्यादा चार्ज देना पड़ेगा.
टिकट कैंसिल करने पर कितना मिलेगा रिटर्न
नए नियमों के अनुसार, अगर कोई यात्री ट्रेन के रवाना होने से काफी पहले यानी 48 घंटे से ज्यादा पहले टिकट रद्द करता है, तो उस पर एक तय फिक्स चार्ज लगाया जाता है. यह चार्ज टिकट के क्लास के हिसाब से अलग अलग होता है. जैसे एसी क्लास के लिए ज्यादा और स्लीपर या सेकंड क्लास के लिए कम शुल्क तय किया गया है. इससे पहले भी ऐसा सिस्टम था, लेकिन अब इसमें और स्पष्टता लाई गई है.
अगर टिकट 48 घंटे से कम और 12 घंटे से पहले के बीच कैंसिल किया जाता है, तो कुल किराए का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा. यानी जैसे जैसे यात्रा का समय करीब आता है, वैसे वैसे कटौती बढ़ती जाती है. वहीं अगर कोई यात्री ट्रेन के रवाना होने से 12 घंटे के अंदर टिकट कैंसिल करता है, तो उस पर 50 प्रतिशत तक चार्ज लगाया जा सकता है. यह नियम यात्रियों को समय पर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता है ताकि सीटों का बेहतर उपयोग हो सके. सबसे सख्त नियम उन लोगों के लिए है जो बहुत आखिरी समय में टिकट रद्द करते हैं. अगर ट्रेन के रवाना होने से 4 घंटे के भीतर या चार्ट बनने के बाद टिकट कैंसिल किया जाता है, तो किसी तरह का रिफंड नहीं मिलता. इसका मतलब यह है कि उस स्थिति में पूरा पैसा कट सकता है.
तत्काल टिकट पर क्या है नियम
इसके अलावा कुछ खास कैटेगरी के टिकट जैसे तत्काल टिकट पर भी नियम सख्त हैं. आम तौर पर कन्फर्म तत्काल टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलता. वहीं वेटिंग या आरएसी टिकट के मामले में थोड़ी राहत दी जाती है, जहां मामूली चार्ज काटकर बाकी पैसा वापस किया जा सकता है. हाल ही में रेलवे ने कुछ प्रीमियम ट्रेनों के लिए और भी सख्त नियम लागू किए हैं. जैसे कुछ मामलों में अगर टिकट यात्रा से 8 घंटे पहले कैंसिल किया जाता है, तो भी रिफंड नहीं दिया जाता. यह कदम खासतौर पर उन ट्रेनों के लिए उठाया गया है जहां डिमांड ज्यादा होती है और सीट मैनेजमेंट महत्वपूर्ण होता है. इसके साथ ही रेलवे ने यात्रियों को एक नई सुविधा भी दी है. अब कुछ स्थितियों में टिकट को पूरी तरह कैंसिल करने की बजाय उसकी यात्रा तारीख बदली जा सकती है. इससे यात्रियों को बार बार पैसा कटने की परेशानी से राहत मिल सकती है और उन्हें ज्यादा लचीलापन मिलता है.
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