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Bhopal Metro New Timing: अब पूरे दिन नहीं चलेगी मेट्रो, नया टाइम टेबल जारी, देखें पूरा शेड्यूल

भोपाल में मेट्रो से सफर करने वाले लोगों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है. शहर में मेट्रो सेवा के समय में बदलाव किया गया है, जो अगले दिन से लागू होगा. नए शेड्यूल के अनुसार अब मेट्रो सीमित समय के लिए ही चलाई जाएगी, जिससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी. मेट्रो प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अब मेट्रो सुबह से रात तक लगातार नहीं चलेगी, बल्कि केवल तय समय के भीतर ही संचालित की जाएगी. नए टाइम टेबल के अनुसार मेट्रो सेवा सुबह 11 बजे शुरू होगी और शाम 4.30 बजे तक ही उपलब्ध रहेगी. पहले मेट्रो दोपहर 12 बजे से शाम 7:30 बजे तक चलाई जाती थी. दरअसल भोपाल में फिलहाल इसका संचालन सुभाष नगर से एम्स तक होता था. जिसमें 8 स्टेशन आते हैं.

भोपाल मेट्रो की टाइमिंग में बदलाव

इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण तकनीकी और संचालन से जुड़ी जरूरतें बताई जा रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि इस समय का उपयोग मेट्रो सिस्टम के परीक्षण, रखरखाव और अन्य जरूरी कार्यों के लिए किया जाएगा. चूंकि भोपाल मेट्रो अभी पूरी तरह से नियमित व्यावसायिक संचालन में नहीं आई है, इसलिए इस तरह के बदलाव समय-समय पर किए जा रहे हैं ताकि सिस्टम को बेहतर और सुरक्षित बनाया जा सके. इसके अलावा अंडरग्राउंड टनल बनाने का काम भी शुरू होगा. जिससे टनल बोरिंग मशीन से खुदाई होगी. मशीन को 50 मीटर टनल तैयार करने के लिए उतारा जाएगा. टनल बनाने में करीब 2 महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा. पूरा काम खत्म होने में करीब 2 साल का समय लगेगा. अलग-अलग मेट्रो स्टेशन बनाई जाएगी. जिसके बाद भोपाल मेट्रो को नया लुक मिलेगा.

यात्रियों के लिए यह बदलाव थोड़ा असुविधाजनक हो सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो सुबह जल्दी या शाम को मेट्रो से सफर करते हैं. अब उन्हें या तो अपने समय में बदलाव करना होगा या फिर अन्य परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ेगा. हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह अस्थायी व्यवस्था है और भविष्य में जब मेट्रो पूरी क्षमता के साथ चलेगी, तब समय को फिर से बढ़ाया जा सकता है.
मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का यह भी कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता सुरक्षा और सिस्टम की विश्वसनीयता को दी जा रही है. किसी भी नई परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करने से पहले उसका हर पहलू जांचना जरूरी होता है. इसी वजह से सीमित समय में संचालन कर बाकी समय में जरूरी परीक्षण किए जा रहे हैं.

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