भोपाल : एम्स भोपाल ने Xi एक्सपीरियंस सेंटर की मेजबानी की, जो इंट्यूटिव — न्यूनतम इनवेसिव केयर में एक वैश्विक तकनीकी अग्रणी — द्वारा विकसित एक मोबाइल रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी जागरूकता प्लेटफ़ॉर्म है।
यह कार्यक्रम मध्य भारत में उन्नत न्यूनतम इनवेसिव सर्जिकल तकनीकों के प्रति जागरूकता और अपनाने को बढ़ाने के एम्स भोपाल के प्रयासों का हिस्सा था। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य पेशेवरों और आम जनता को रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के लाभों, उपयोगों और इसकी बढ़ती प्रासंगिकता के बारे में जागरूक करना था।
मुख्य उद्देश्य और अनुभव
Xi एक्सपीरियंस सेंटर एक मोबाइल रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी यूनिट है, जिसने एम्स भोपाल में निम्नलिखित लाभ प्रदान किए:
- प्रत्यक्ष अनुभव: शिक्षकों, रेज़िडेंट्स और छात्रों को रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया गया।
- जागरूकता बढ़ाना: स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आम जनता को रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी, उसकी विशेषताओं (जैसे 3D विज़न और कलाई-समान लचीलापन वाले इंस्ट्रूमेंट्स) और क्लीनिकल उपयोगों से परिचित कराना।
- क्लिनिकल उपयोगिता: स्वास्थ्य पेशेवरों को उच्च-भार वाले सरकारी तृतीयक देखभाल संस्थान के वातावरण में इसकी क्लीनिकल उपयोगिता और लाभों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना।
नेतृत्व के वक्तव्य
प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर, कार्यकारी निदेशक, एम्स भोपाल, ने कहा:
“एक प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान के रूप में एम्स भोपाल सर्जिकल नवाचार को आगे बढ़ाने और मध्य प्रदेश के लोगों को उच्च-सटीकता और न्यूनतम इनवेसिव देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। Xi एक्सपीरियंस सेंटर जैसे प्लेटफॉर्म हमारे चिकित्सकों और प्रशिक्षुओं को रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करते हैं और तकनीक तथा क्लीनिकल प्रैक्टिस के बीच की खाई को पाटने में मदद करते हैं।”
डॉ. केतन मेहरा, एसोसिएट प्रोफेसर, यूरोलॉजी, एम्स भोपाल, ने कहा कि यह अनुभव हमारे सर्जनों और प्रशिक्षुओं को प्लेटफॉर्म की क्षमताओं को स्पष्ट रूप से समझने और सीखने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करता है।
रोबोटिक सर्जरी का महत्व
- बढ़ता विस्तार: भारत में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी का विस्तार निरंतर बढ़ रहा है, जो बेहतर रोगी परिणामों और न्यूनतम इनवेसिव उपचार विकल्पों के प्रति बढ़ती जागरूकता से प्रेरित है।
- उपयोग के क्षेत्र: रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी यूरोलॉजी, स्त्रीरोग, सामान्य सर्जरी और ऑन्कोलॉजी में सॉफ्ट टिश्यू प्रक्रियाओं का केंद्रीय हिस्सा बनती जा रही है।
- क्षेत्रीय पहुँच: यह पहल मध्य भारत में न्यूनतम इनवेसिव, उच्च-सटीकता वाली सर्जिकल केयर की बढ़ती मांग को समर्थन देती है, जिससे मरीजों को उन्नत देखभाल के लिए महानगरों की यात्रा नहीं करनी पड़ती।
इस कार्यक्रम के माध्यम से, एम्स भोपाल ने सर्जिकल नवाचार को सुदृढ़ करने और मरीजों को सटीक, न्यूनतम इनवेसिव उपचार विकल्पों का लाभ सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।


