शैलेश नामदेव/ खबर डिजिटल/डिंडोरी। मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिला मुख्यालय में शनिवार देर रात उस समय तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब मां काली चल समारोह के दौरान कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने का कुत्सित प्रयास किया। असामाजिक तत्वों द्वारा जुलूस के मार्ग पर अंडे फोड़कर क्षेत्रीय सौहार्द को चोट पहुंचाने की कोशिश की गई, जिसके बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया।
श्रद्धालुओं का फूटा गुस्सा
जैसे ही चल समारोह में शामिल श्रद्धालुओं को मार्ग पर अंडे फोड़े जाने की जानकारी मिली, मामले ने तुरंत तूल पकड़ लिया। आक्रोशित हिंदू समाज के लोगों ने प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और रानी अवंती बाई चौराहे पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले अज्ञात दोषियों को तत्काल हिरासत में लिया जाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने फौरन जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।
पुलिस की सूझबूझ और हल्का बल प्रयोग
विवाद तब और बढ़ गया जब उग्र भीड़ जामा मस्जिद की ओर बढ़ने लगी। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में ही रोक लिया। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। वरिष्ठ अधिकारियों की समय पर की गई समझाइश और तत्परता के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया। पुलिस की सक्रियता ने स्थिति को बिगड़ने से पहले ही संभाल लिया।
सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश जारी
वर्तमान में पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और वीडियो फुटेज को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों ने हिंदू संगठनों को आश्वस्त किया है कि जांच के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि डिंडोरी मुख्यालय में इस तरह की घटनाएं पहले कभी सामने नहीं आई हैं। यहां के नागरिक सदैव आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भाव के साथ रहते आए हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।


