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MP Gali Mukt Village: अनोखा गांव! गाली देने पर मिलती है कड़ी सजा, जानें नाम

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले का एक छोटा सा गांव इन दिनों अपनी अनोखी पहल के कारण चर्चा में है. बोरसर गांव ने एक ऐसा नियम लागू किया है, जिसने न सिर्फ गांव का माहौल बदला है बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक उदाहरण भी पेश किया है. यहां अब गाली-गलौज पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया गया है और इसे सख्ती से लागू भी किया जा रहा है.

इस गांव में गाली देना जुर्म

गांव की ग्राम सभा में आपसी सहमति से यह तय किया गया कि सार्वजनिक जगहों पर किसी भी तरह की अपशब्द या गाली देने की आदत को खत्म किया जाएगा. इसके लिए एक स्पष्ट नियम बनाया गया है, जिसमें अगर कोई व्यक्ति गाली देते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. यदि वह जुर्माना देने से बचता है, तो उसे एक घंटे तक गांव में सफाई का काम करना होगा. इस नियम का मकसद केवल सजा देना नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाना है.

गांव के बुजुर्गों और स्थानीय नेताओं का कहना है कि गाली-गलौज की वजह से कई बार छोटे-छोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल जाते थे. इससे न सिर्फ आपसी रिश्तों में कड़वाहट आती थी, बल्कि गांव का माहौल भी खराब होता था. इसी समस्या को देखते हुए गांव ने मिलकर यह फैसला लिया कि अब भाषा में मर्यादा रखनी जरूरी है. इस पहल का असर धीरे-धीरे दिखने लगा है. लोग अब बोलचाल में संयम बरतने लगे हैं और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव बढ़ा है. खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए माहौल पहले से ज्यादा सुरक्षित और सहज महसूस हो रहा है. गांव के लोग मानते हैं कि यह सिर्फ नियम नहीं, बल्कि एक सामाजिक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है.

गांव में इस नियम को लागू कराने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी भी रखी जा रही है. यदि कोई व्यक्ति नियम का उल्लंघन करता है, तो तुरंत उस पर कार्रवाई की जाती है. इससे लोगों में यह संदेश गया है कि यह सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे गंभीरता से लागू किया जा रहा है. इस पहल की खास बात यह है कि इसमें किसी तरह का दबाव नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से सामूहिक निर्णय है. गांव के अधिकांश लोग इस नियम का समर्थन कर रहे हैं और इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हुए पालन कर रहे हैं. यही कारण है कि बोरसर गांव अब “गाली-मुक्त गांव” के रूप में पहचान बना रहा है.

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