लोकसभा निर्वाचन-2019 : दिव्यांगजन के 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य

भोपाल, दिव्यांगजन के सुगम मतदान संवेदनीकरण के लिये राज्य स्तरीय कार्यशाला आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी भोपाल में हुई। कार्यशाला में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल. कान्ता राव ने कहा कि विगत चुनाव में 3 लाख 50 हजार दिव्यांगजन के लिये क्यूजम्प, वालंटियर एवं वाहन व्यवस्थाएँ की गयी थी।

दिव्यांगजन के 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य

पिछले चुनाव से और अधिक बेहतर कार्य इस लोकसभा चुनाव में करके दिखाना है। दिव्यांगजन का मतदान प्रतिशत 75 प्रतिशत कराने का प्रयास किया जायेगा। चुनाव प्रक्रिया से छूटे लोगों विशेषकर दिव्यांगजन के लिये गैर सरकारी संगठनों ने भी भरपूर सहयोग किया।  सबके सहयोग से विधानसभा निर्वाचन 2018 में दिव्यांगजन द्वारा 61 प्रतिशत मतदान संभव हो सका। यह मतदान प्रतिशत देश के अन्य राज्यों से काफी बेहतर है।

भारत निर्वाचन आयोग के सचिव आनंद कुमार पाठक ने कहा कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 में सबसे बेहतर कार्य किये गये। आयोग के निर्देशों का पालन तीव्र गति से किया गया। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ NGO एवं अन्य लोगों ने भी मतदान कराने में सहभागिता की।

लोकसभा चुनाव की थीम 'भारत के महापर्व इस त्यौहार में कोई भी मतदाता न छूटे'

पाठक ने कहा कि कई बार मतदाता इच्छा होने के बाद भी मतदान केन्द्र तक पहुँचकर वोट नहीं दे पाता। इसलिये भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की थीम 'भारत के महापर्व इस त्यौहार में कोई भी मतदाता न छूटे' रखी है। दिव्यांगजन अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें, इस उद्देश्य से मतदान केन्द्रों पर मतदान सामग्री सहित कई व्यवस्थाएँ आयोग द्वारा की गयी हैं। आयोग रेडियो, टेलीविजन, कम्युनिटी रेडियो, फेसबुक जैसे विभिन्न माध्यम से दिव्यांगजन को मतदान करने के लिये प्रेरित करने के कार्यक्रम चला रहा है। इसके अलावा देश में लगभग 10 ट्रेनों में मतदाता जागरूकता के प्रचार कार्यक्रम चलायें जायेंगे।

कार्यशाला में दिव्यांगजन को किया जागरूक

अवर सचिव भारत निर्वाचन आयोगसुजीत कुमार मिश्रा ने संवैधानिक प्रावधान एवं 2016 के अधिनियम की जानकारी दी. मिश्रा ने कहा कि प्रत्येक मत को शामिल कर चुनाव कराया जाना है। हर मतदान केन्द्र को पहुँच योग्य बनाया जायगा, जिससे दिव्यांगजन अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें। मत देने के अधिकार का प्रयोग करने के लिये  दिव्यांगजन को आने वाली दिक्कतों को दूर करने में मानवीय पहलू का भी ध्यान रखा जाना चाहिये।

संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अभिजीत अग्रवाल ने कहा कि विधानसभा चुनाव में किये गये कार्यों को आगे बढा़ने के साथ नये कार्यों को भी किया जाना है ताकि दिव्यांगजन अधिक संख्या  में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। कार्यशाला में दिव्यांगजन के सुगम मतदान की सुविधा विस्तार, आधारभूत कठिनाइयों, सुगम्य एप पर के.जी. तिवारी संचालक सामाजिक न्याय, संजीव जैन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, अनिल मुद्गल, रोहित त्रिवेदी ने विषय-विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान दिये। कार्यशाला में दिव्यांगजन के सुगम मतदान के लिये नियुक्त जिला समन्वयक एवं जिला स्तर पर दिव्यांगजन के क्षेत्रों में कार्य करने वाले  अशासकीय संस्थान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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