शहडोल/कमलेश दाहिया/खबर डिजिटल/ शहडोल संभाग के सबसे बड़े कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल की अव्यवस्था एक बार फिर सामने आ गई है। यहां के ब्लड बैंक में पिछले पांच दिनों से प्लेटलेट्स बैग पूरी तरह खत्म हो गए हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों को अन्य अस्पतालों तक के चक्कर लगाना पड़ रहा है, कई लोग तो जैसे-तैसे मरीजों को अन्य अस्पतालों में भर्ती कराने को मजबूर हैं।
प्लेटलेट्स बैग की सप्लाई बंद
शहडोल जिला अस्पताल में 10 अक्टूबर से ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स बैग की सप्लाई बंद है। बीती रात एक महिला मरीज को O पॉजिटिव प्लेटलेट्स ब्लड की आवश्यकता थी। परिजन दिनभर अस्पताल के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। अंततः उन्हें बाहर से प्लेटलेट्स बैग की व्यवस्था करनी पड़ी, ब्लड बैंक इंचार्ज राजेश मेहरा ने बताया कि इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालात यह हैं कि प्लेटलेट्स की जरूरत वाले मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
समाजसेवियों ने भी उठाया मुद्दा
समाजसेवी और पार्षद सिल्लू रजक ने इस मामले की जानकारी कलेक्टर और सिविल सर्जन को दी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं, सूर्य चैरिटेबल कंपनी के कर्मचारी कृष्णा चौधरी ने बताया कि 10 अक्टूबर को ही सप्लाई के लिए सूचना भेजी गई थी, मगर कंपनी ने अब तक कोई बैग नहीं भेजा। वहीं स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही ने संभाग के सबसे बड़े ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीमार मरीजों की जान जोखिम में डालने की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा यह अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल बन गया है।


